दो साल से मांग, फिर भी नहीं मिला मानदेय; 15 हजार मासिक स्टाइपेंड की मांग को लेकर छात्रों ने खोला मोर्चा
हल्द्वानी। अस्पताल में सेवाएं देने के बाद भी जेब खाली और मांगों पर खामोशी—राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में एलाइड हेल्थ केयर प्रोफेशन के इंटर्न छात्रों का आखिरकार सब्र जवाब दे गया। पिछले दो वर्षों से स्टाइपेंड की मांग को लेकर शासन-प्रशासन और मुख्यमंत्री तक अपनी आवाज पहुंचाने का दावा कर रहे छात्रों ने अब हड़ताल शुरू कर दी है। छात्रों का कहना है कि लगातार मांग उठाने के बावजूद ठोस निर्णय नहीं होने पर उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
छात्रों के मुताबिक राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में एलाइड हेल्थ केयर प्रोफेशन के सत्र 2022, 2023, 2024 और 2025 के छात्र इंटर्नशिप कर चुके हैं या कर रहे हैं, लेकिन इंटर्नशिप अवधि में उन्हें कोई मासिक मानदेय या स्टाइपेंड नहीं दिया जा रहा है।
15 हजार प्रतिमाह की मांग पर अड़े छात्र
हड़ताल कर रहे छात्रों की प्रमुख मांग है कि इंटर्नशिप के दौरान उन्हें कम से कम 15 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जाए। छात्रों का कहना है कि इंटर्नशिप महज प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि वे अस्पताल में नियमित रूप से व्यावहारिक कार्य और स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान भी देते हैं। ऐसे में बिना किसी मानदेय के काम करना उनके लिए आर्थिक रूप से मुश्किल है।
पुराने प्रावधान का हवाला, शासनादेश की मांग
छात्रों का कहना है कि वर्ष 2005 से पहले पैरामेडिकल विद्यार्थियों को इंटर्नशिप के दौरान मानदेय दिए जाने का प्रावधान था। वर्ष 2020 में पैरामेडिकल/एलाइड हेल्थ केयर प्रोफेशन का पाठ्यक्रम दोबारा शुरू होने के बाद से इंटर्न छात्रों को स्टाइपेंड दिए जाने का मुद्दा लगातार उठाया जा रहा है।
छात्रों के मुताबिक उन्होंने मुख्यमंत्री और संबंधित अधिकारियों तक कई बार अपनी मांग पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन समाधान नहीं होने के कारण अब आंदोलन शुरू करना पड़ा है।
‘ठोस निर्णय तक जारी रह सकता है आंदोलन’
हड़ताल पर बैठे छात्रों ने सरकार से इंटर्नशिप के दौरान ₹15 हजार मासिक स्टाइपेंड लागू करने और इसके लिए शासनादेश जारी करने की मांग की है। छात्रों का कहना है कि जब तक सरकार की ओर से उनकी मांग पर सकारात्मक और ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रह सकता है। छात्रों ने मुख्यमंत्री से मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर समाधान कराने की अपील की है।





