नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने संगठन से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लेते हुए अरविंद केजरीवाल को दोबारा राष्ट्रीय संयोजक चुन लिया है। पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में केजरीवाल के नाम पर सर्वसम्मति बनी। इसके साथ ही पार्टी ने अपनी नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का भी गठन किया है।
पार्टी की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में कुल 23 सदस्य शामिल किए गए हैं। संगठन में पंकज गुप्ता को राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि एनडी गुप्ता राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष के पद पर बने रहेंगे। नई टीम में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ अलग-अलग राज्यों में संगठन की जिम्मेदारी संभाल रहे नेताओं को भी जगह दी गई है।
नई कार्यकारिणी में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, गोपाल राय, आतिशी, दुर्गेश पाठक और अन्य प्रमुख नेता शामिल हैं। पार्टी ने पांच नेताओं को विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर भी शामिल किया है।
संगठन मजबूत करने पर फोकस
केजरीवाल के दोबारा राष्ट्रीय संयोजक चुने जाने के बाद अब पार्टी का ध्यान संगठन को मजबूत करने और राज्यों में अपनी गतिविधियां बढ़ाने पर रहेगा। बैठक में पार्टी की आगे की रणनीति और संगठनात्मक तैयारियों को लेकर भी चर्चा हुई।
AAP के लिए यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी को दिल्ली में सत्ता से बाहर होने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर अपने संगठन को फिर से सक्रिय करने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी के जरिए पार्टी नेतृत्व राज्यों में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है।
केजरीवाल के नेतृत्व में आगे बढ़ेगी पार्टी
राष्ट्रीय संयोजक के रूप में केजरीवाल के पुनर्निर्वाचन से यह स्पष्ट हो गया है कि पार्टी आगे भी उनकी अगुआई में अपनी राजनीतिक रणनीति को आगे बढ़ाएगी। नई टीम में दिल्ली के साथ पंजाब और अन्य राज्यों को प्रतिनिधित्व दिए जाने से पार्टी के राष्ट्रीय विस्तार पर भी जोर दिखाई देता है।
अब नई कार्यकारिणी के सामने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए पार्टी को तैयार करने की जिम्मेदारी होगी।





