नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को लेकर भारत ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि अमेरिका से प्रतिस्पर्धी और बेहतर टैरिफ दर मिलने के बाद ही समझौते को अंतिम रूप दिया जाएगा।
गोयल ने गुरुवार को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से जुड़े एक कार्यक्रम में कहा कि भारत अपने प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में अमेरिकी बाजार में बेहतर टैरिफ व्यवस्था चाहता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जैसे ही अमेरिका भारतीय निर्यातकों को प्रतिस्पर्धियों की तुलना में तरजीही दर उपलब्ध कराएगा, दोनों देशों के बीच BTA को अंतिम रूप देकर उसके विस्तृत प्रावधानों की घोषणा कर दी जाएगी।
मंत्री ने कहा कि भारत तेजी से विभिन्न देशों और समूहों के साथ व्यापार समझौतों को आगे बढ़ा रहा है। न्यूजीलैंड के साथ FTA जल्द प्रभावी होने की उम्मीद है, जबकि यूरोपीय संघ के साथ समझौता भी लागू होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे में भारतीय निर्यातकों के लिए वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत टैरिफ का मुद्दा लंबे समय से बातचीत के केंद्र में है। फरवरी 2026 में घोषित ढांचे के अनुसार अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर अपना पारस्परिक टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की थी। हालांकि, भारत चाहता है कि उसके निर्यातकों को प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले स्पष्ट टैरिफ लाभ मिले।
गोयल ने यह भी बताया कि भारत आने वाले समय में कनाडा, मैक्सिको, चिली, मर्कोसुर, दक्षिणी अफ्रीकी सीमा शुल्क संघ (SACU), खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) और इजरायल सहित कई देशों व व्यापारिक समूहों के साथ समझौते आगे बढ़ाएगा।
भारत सरकार का जोर ऐसे व्यापार समझौतों पर है, जिनसे घरेलू उद्योग और निर्यातकों को नए बाजार मिलें तथा वैश्विक स्तर पर भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत हो।





