देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भारत निर्वाचन आयोग ने चार प्रत्याशियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। आयोग ने 2022 के विधानसभा चुनाव में चुनावी खर्च का विवरण निर्धारित समय पर जमा नहीं करने के मामले में इन चारों को तीन वर्ष के लिए चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित किया है।
चुनाव आयोग के अनुसार, संबंधित प्रत्याशियों को चुनाव के दौरान हुए खर्च का पूरा ब्योरा निर्धारित प्रक्रिया के तहत जमा करना था। आयोग की ओर से उन्हें नोटिस भी जारी किए गए, लेकिन निर्धारित समय में चुनावी खर्च का हिसाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए तीन साल के लिए चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी गई।
चुनावी खर्च का हिसाब देना अनिवार्य
निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रत्येक उम्मीदवार को चुनाव प्रचार और अन्य मदों में हुए खर्च का विवरण आयोग को देना होता है। यह जानकारी उम्मीदवार द्वारा निर्धारित समय सीमा में उपलब्ध कराना जरूरी है। खर्च का ब्योरा नहीं देने पर कानून के तहत उम्मीदवार को भविष्य में चुनाव लड़ने से अयोग्य ठहराया जा सकता है।
आयोग की इस कार्रवाई को चुनावी प्रक्रिया में नियमों के पालन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो रही हैं। ऐसे में चुनाव आयोग की यह कार्रवाई राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों के लिए नियमों के पालन का स्पष्ट संदेश है।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े नियमों का पालन सभी उम्मीदवारों के लिए आवश्यक है। खर्च का विवरण समय पर जमा नहीं करने जैसी लापरवाही पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।





