नई दिल्ली। मुंबई में हुए 26/11 आतंकी हमले के आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भारत ने अपना रुख और स्पष्ट कर दिया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा है कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई जारी रहेगी और उसे परास्त करने के लिए जो भी आवश्यक कदम होंगे, उन्हें उठाया जाएगा। यह बयान मुंबई पुलिस की ओर से पाकिस्तान में मौजूद छह आरोपितों के खिलाफ अनुपस्थिति में मुकदमे (Trial in Absentia) की प्रक्रिया शुरू किए जाने के बीच आया है।
आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक कार्रवाई पर जोर
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत आतंकवाद से बुरी तरह प्रभावित रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों में भारत ने वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को मजबूत करने और विशेष रूप से सीमा पार आतंकवाद से निपटने के लिए लगातार प्रयास किए हैं।
जायसवाल ने कहा कि भारत की आतंकवाद से निपटने की मुहिम आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवादी गतिविधियों की गंभीरता को समझने और इनके खिलाफ प्रभावी वैश्विक कार्रवाई सुनिश्चित करने की जरूरत बताई।
26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमलों में 166 लोगों की मौत हुई थी और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे। मामले में पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े कई लोगों पर साजिश और हमले में भूमिका के आरोप हैं। भारत लंबे समय से पाकिस्तान से इन आरोपितों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की मांग करता रहा है।
अब भारतीय अधिकारियों ने पाकिस्तान में मौजूद छह आरोपितों के खिलाफ भारत में अनुपस्थिति में मुकदमे की प्रक्रिया शुरू की है। यह प्रक्रिया भारतीय न्याय व्यवस्था में अनुपस्थिति में मुकदमे से संबंधित नए कानूनी प्रावधानों के तहत आगे बढ़ाई जा रही है।
MEA ने स्पष्ट किया कि भारत का आतंकवाद के प्रति रुख किसी एक घटना तक सीमित नहीं है। नई दिल्ली सीमा पार आतंकवाद समेत सभी प्रकार की आतंकी गतिविधियों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग मजबूत करने पर जोर देती रही है।
मंत्रालय के ताजा बयान से संकेत है कि 26/11 के आरोपितों को न्याय के कटघरे तक पहुंचाने के प्रयासों के साथ भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी व्यापक रणनीति भी जारी रखेगा।





