चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टीआर टनल में गुरुवार शाम हुए भूस्खलन ने बड़ा हादसा कर दिया। अचानक भारी मात्रा में पानी, पत्थर और मलबा सुरंग में घुसने से कई श्रमिक अंदर फंस गए। अमर उजाला के 14 अगस्त सुबह 10:15 बजे तक के लाइव अपडेट के अनुसार, हादसे में नौ श्रमिकों की मौत हो चुकी है, जबकि छह की तलाश जारी है। 22 श्रमिकों को बाहर निकाला जा चुका है।
हादसा शाम करीब 6:10 बजे हुआ। बताया गया कि श्रमिक सुरंग के भीतर सरिया बांधने और सेटिंग का काम कर रहे थे। इसी दौरान करीब 150 मीटर दूर तेज आवाज के साथ भारी भूस्खलन हुआ और देखते ही देखते पानी, मलबा और पत्थर सुरंग के अंदर तेजी से पहुंच गए। हादसे के बाद सुरंग में अफरा-तफरी मच गई और कई श्रमिक मलबे की चपेट में आ गए।
बचाए गए श्रमिकों ने बताया कि सुरंग में कई स्थानों पर मलबा भर जाने से ऑक्सीजन का स्तर कम हो गया था। कुछ श्रमिक कीचड़ में आधे तक फंस गए। एक घायल श्रमिक ने बताया कि हादसे वाली जगह पर बुधवार को भी मिट्टी खिसकी थी और उसके धंसने की आशंका बनी हुई थी। यह सुरंग दुर्गापुर से सियासैंण तक करीब तीन किलोमीटर लंबी बनाई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी और सेना की टीमें राहत-बचाव में जुट गईं। सुरंग से पानी निकालने के लिए पंप लगाए गए हैं और मलबा हटाकर अंदर फंसे श्रमिकों तक पहुंचने का प्रयास जारी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देर रात आपदा परिचालन केंद्र पहुंचकर बचाव अभियान की समीक्षा की और राहत कार्य युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश दिए। शुक्रवार सुबह उन्होंने पीपलकोटी पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा प्रशासन और बचाव एजेंसियों से अभियान की जानकारी ली। मुख्यमंत्री बचाए गए घायल श्रमिकों से भी मुलाकात करेंगे।
टीएचडीसी के परियोजना निदेशक शरद कुमार ने हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि सभी संसाधन बचाव अभियान में लगाए गए हैं। प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने और घटना की विस्तृत जांच कराने की बात भी कही गई है।





