नई दिल्ली। संसद भवन के मकर द्वार से आने-जाने वाले सांसदों को बारिश के दौरान होने वाली परेशानी से जल्द राहत मिल सकती है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मकर द्वार पर पोर्च बनाने की संभावना तलाशने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों और वास्तुकारों से प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है।
मकर द्वार का इस्तेमाल बड़ी संख्या में सांसद संसद परिसर में प्रवेश और बाहर निकलने के लिए करते हैं। बारिश के दौरान यहां छत की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से सांसदों को वाहन से उतरने या वाहन तक पहुंचने में परेशानी होती है। प्रस्तावित पोर्च का उद्देश्य प्रवेश द्वार पर ऐसी सुविधा उपलब्ध कराना है, जिससे बारिश के दौरान सांसदों को सीधे परिसर में आने-जाने में सहूलियत हो।
सीपीडब्ल्यूडी करेगा व्यवहार्यता का आकलन
लोकसभा अध्यक्ष ने सीपीडब्ल्यूडी अधिकारियों और वास्तुकारों से पोर्च के निर्माण की व्यवहार्यता का आकलन करने को कहा है। अधिकारियों को स्थल की स्थिति, डिजाइन और निर्माण की संभावनाओं को देखते हुए प्रस्ताव तैयार करना होगा।
प्रस्तावित ढांचे को संसद भवन की मौजूदा वास्तुकला और सुरक्षा व्यवस्था के अनुरूप रखने पर भी ध्यान दिया जाएगा। फिलहाल यह प्रक्रिया प्रस्ताव और व्यवहार्यता के स्तर पर है। निर्माण को लेकर अंतिम निर्णय संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद लिया जाएगा।
सुविधा बढ़ाने की पहल
मकर द्वार संसद परिसर के प्रमुख प्रवेश मार्गों में शामिल है और यहां से सांसदों की नियमित आवाजाही होती है। ऐसे में पोर्च बनने से न केवल बारिश, बल्कि तेज धूप के दौरान भी प्रवेश और निकास के समय कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
लोकसभा अध्यक्ष की पहल को सांसदों की सुविधाओं से जुड़े बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। सीपीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।





