Top 5 This Week

Related Posts

चीन ने बनाया दुनिया का सबसे बड़ा सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट, ‘आर्टिफिशियल सन’ परियोजना को मिलेगी नई रफ्तार

बीजिंग: चीन ने विज्ञान और ऊर्जा अनुसंधान के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए दुनिया का सबसे बड़ा फ्यूजन रिएक्टर सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट तैयार किया है। इस विशाल चुंबक का वजन 582 टन है और इसे चीन के महत्वाकांक्षी ‘आर्टिफिशियल सन’ (कृत्रिम सूर्य) कार्यक्रम का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

यह टॉरॉयडल फील्ड (TF) सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट 21 मीटर लंबा है और इसे चीन के हेफेई स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ प्लाज्मा फिजिक्स, चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज ने विकसित किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह अब तक फ्यूजन रिएक्टर के लिए बनाया गया सबसे बड़ा मैग्नेट है।

फ्यूजन ऊर्जा को भविष्य की स्वच्छ ऊर्जा का बड़ा विकल्प माना जाता है। इसमें सूर्य की तरह परमाणु संलयन (न्यूक्लियर फ्यूजन) प्रक्रिया के जरिए ऊर्जा पैदा करने का प्रयास किया जाता है। इस प्रक्रिया में अत्यधिक गर्म प्लाज्मा को नियंत्रित रखने के लिए शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र की जरूरत होती है, जिसकी जिम्मेदारी यह विशाल मैग्नेट निभाएगा।

चीनी वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह मैग्नेट करोड़ों डिग्री सेल्सियस तापमान वाले प्लाज्मा को नियंत्रित करने में मदद करेगा। फ्यूजन रिएक्टर में प्लाज्मा को स्थिर रखना सबसे बड़ी तकनीकी चुनौतियों में से एक है, क्योंकि इसका तापमान सूर्य के केंद्र से भी कई गुना अधिक हो सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार, इस मैग्नेट का आकार अंतरराष्ट्रीय थर्मोन्यूक्लियर एक्सपेरिमेंटल रिएक्टर (ITER) में इस्तेमाल होने वाले समान मैग्नेट से भी बड़ा है। इसकी ऊर्जा भंडारण क्षमता भी काफी अधिक बताई गई है।

चीन लंबे समय से अपने ‘आर्टिफिशियल सन’ कार्यक्रम के जरिए नियंत्रित परमाणु संलयन तकनीक विकसित करने पर काम कर रहा है। वैज्ञानिकों का लक्ष्य ऐसी ऊर्जा प्रणाली बनाना है जो कार्बन उत्सर्जन को कम करते हुए लंबे समय तक स्वच्छ और लगभग असीम ऊर्जा उपलब्ध करा सके।

हालांकि, फ्यूजन ऊर्जा को व्यावसायिक स्तर पर उपयोग में लाने के लिए अभी कई तकनीकी चुनौतियां बाकी हैं। वैज्ञानिकों को लंबे समय तक स्थिर संचालन, लागत कम करने और बड़े पैमाने पर बिजली उत्पादन जैसी समस्याओं का समाधान करना होगा।

चीन की यह उपलब्धि फ्यूजन ऊर्जा की वैश्विक दौड़ में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है और इससे भविष्य की ऊर्जा तकनीकों में नई संभावनाएं खुल सकती हैं।

 

Popular Articles