देहरादून। आगामी कांवड़ यात्रा को देखते हुए हिंदू रक्षा दल ने उत्तराखंड सरकार से यात्रा मार्गों पर मांस और शराब की दुकानों को अस्थायी रूप से बंद करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि धार्मिक यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था और भावनाओं को ध्यान में रखते हुए ऐसी दुकानों पर रोक लगाई जानी चाहिए।
हिंदू रक्षा दल के पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि कांवड़ यात्रा मार्गों पर साफ-सफाई, सुरक्षा और धार्मिक माहौल बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए जाएं। संगठन का तर्क है कि बड़ी संख्या में शिवभक्त पैदल यात्रा करते हैं, इसलिए यात्रा क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों पर नियंत्रण जरूरी है, जिससे किसी प्रकार की असुविधा या विवाद की स्थिति पैदा न हो।
कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तराखंड और पड़ोसी राज्यों में प्रशासन पहले से तैयारियों में जुटा है। यात्रा मार्गों पर यातायात व्यवस्था, सुरक्षा बलों की तैनाती और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है। कई स्थानों पर यात्रा अवधि के दौरान मांस की दुकानों को बंद रखने और शराब की दुकानों को ढकने जैसे कदम उठाए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
संगठन की मांग ऐसे समय आई है जब हर साल होने वाली कांवड़ यात्रा में लाखों श्रद्धालु हरिद्वार और अन्य धार्मिक स्थलों की ओर पहुंचते हैं। प्रशासन की ओर से यात्रा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए विभिन्न विभागों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
हालांकि, मांस और शराब की दुकानों पर रोक लगाने की मांग को लेकर समय-समय पर सामाजिक और कानूनी बहस भी होती रही है। प्रशासन आमतौर पर कानून-व्यवस्था, स्थानीय परिस्थितियों और यात्रा प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेता है।
हिंदू रक्षा दल ने कहा है कि कांवड़ यात्रा धार्मिक आस्था से जुड़ा आयोजन है और इसकी पवित्रता बनाए रखने के लिए सरकार को आवश्यक कदम उठाने चाहिए। अब इस मांग पर प्रशासन के अगले निर्णय का इंतजार है।





