नई दिल्ली। संसद परिसर में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश के बीच तीखी राजनीतिक नोकझोंक देखने को मिली। जयराम रमेश की टिप्पणी पर जवाब देते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “मैं स्ट्रीट फाइटर हूं, एसी कमरे का एक्टिविस्ट नहीं।” उनके इस बयान के बाद संसद के बाहर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई।
धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद पहली बार संसद पहुंचे थे। इस दौरान भाजपा सांसदों ने उनका स्वागत किया। संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका राजनीतिक जीवन सड़क पर संघर्ष करते हुए बीता है और वे केवल बंद कमरों में बैठकर राजनीति करने में विश्वास नहीं रखते।
प्रधान का यह बयान कांग्रेस नेता जयराम रमेश की उस टिप्पणी के जवाब में आया, जिसमें उन्होंने भाजपा और सरकार को लेकर तंज कसा था। इसके बाद दोनों दलों के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। भाजपा नेताओं ने प्रधान के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि उनकी राजनीति जनता के बीच रहकर संघर्ष करने की रही है, जबकि कांग्रेस ने इसे राजनीतिक बयानबाजी करार दिया।
संसद के मानसून सत्र के दौरान शिक्षा, परीक्षा सुधार और अन्य राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार टकराव देखने को मिल रहा है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगा रहे हैं। इसी राजनीतिक माहौल के बीच धर्मेंद्र प्रधान और जयराम रमेश के बीच हुई यह जुबानी जंग चर्चा का विषय बन गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद के भीतर और बाहर जारी इस तरह की बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है। फिलहाल दोनों दल अपने-अपने रुख पर कायम हैं और विभिन्न मुद्दों पर एक-दूसरे को घेरने का प्रयास कर रहे हैं।




