हल्द्वानी। पंडित चंद्रशेखर पंत शास्त्री संगीत समारोह 2026 एम बी राजकीय महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में शानदार आजाद के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीपर्चन एवं पुष्पर्चन करके किया गया। अस्सिटेंट लेबर कमिश्नर मीनाक्षी भट्ट, रमेश शर्मा, संगीत विभाग डॉo गोविंद सिंह बोरा,डॉo दीपा पंत,आरटीओ गुरदीप सिंह,असिस्टेंट इपीएफ कमिश्नर विशाल, ओ पी पांडे, साकेत अग्रवाल मुख्य रूप से उपस्थित थे। तत्पश्चात शुभानाद संगीत विद्यालय के छात्रों के द्वारा सुंदर मां सरस्वती की वंदना प्रस्तुत की गई।
अगले कार्यक्रम के रूप में राधा कृष्ण संगीत संस्थान के छात्रों के द्वारा स्वागत गीत एवं गणपति वंदना प्रस्तुत की गई जिसका दर्शकों ने बहुत आनंद उठाया तत्पश्चात नूपुर संगीत संस्थान की छात्रों के द्वारा मनमोहक शास्त्रीय कथक नृत्य की प्रस्तुति दी गई प्रस्तुति अत्यंत मनमोहक और दर्शकों को ताली बजाने के लिए मजबूर करने वाली थी। उसके पश्चात शुभनाद स्कूल की छात्रा पूजा पंत ने राग पूरिया धनाश्री में मनमोहक प्रस्तुति दी गई स्वरों में उनकी पकड़ और राज की समझदारी उनके गायन में स्पष्ट दिख रही थी दर्शकों ने प्रस्तुति की भूरि भूरि प्रशंसा की और तालिया के गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत किया।
तत्पश्चात नादस्पर्शम् विद्यापीठ के बच्चों के द्वारा राग झिंझोटी की बेहद खूबसूरत प्रस्तुति दी गई एवं उसमें उत्तराखंड की महान विभूति गिर्दा का गीत ‘उत्तराखंड मेरी मातृभूमि की’ शानदार अभिनय सहित प्रस्तुति की गई जिसको दर्शकों ने बहुत सराहा। अंतिम दो प्रस्तुति में दिल्ली से आए कलाकार जरघाम अकरम खान के द्वारा अजराड़ा घराने का सुंदर तबला वादन तीन ताल में प्रस्तुत किया गया इसमें कायदे, रेल परन की सुंदर प्रस्तुति दी गई बहुत अधिक संख्या में दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से संगीत का आनंद उठाया। अंत में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्राप्त प्रख्यात बांसुरी वादक पंडित चेतन जोशी और अंजनेय जोशी ने सुमधुर बांसुरी वादन प्रस्तुत किया पंडित चेतन जोशी। आपने राग नंद जैसे बासुरी पर कम प्रचलित राग की भी ऐसी प्रस्तुति की कि दर्शक श्रोता भावविभोर होकर बस सुनते गए।
कार्यक्रम में संगीत गुरु पंडित हरीश चंद्र पंत, हेमंत जोशी, हरीश जोशी, उ मा बा का स समिति अध्यक्ष श्री रमेश जोशी, डॉ कोमल जोशी, श्री पंकज आर्या,श्री भूपेंद्र बिष्ट निदेशक आनन्दा अकादमी, श्री प्रवीण रौतेला निदेशक सिंथिया स्कूल, एवं




