नई दिल्ली। देश के विभिन्न राज्यों में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्रों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। छत्तीसगढ़, ओडिशा और पंजाब में पेपर लीक, पाठ्यपुस्तकों की त्रुटियों तथा परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों के विरोध में छात्र संगठनों ने प्रदर्शन तेज कर दिया है। इन घटनाओं ने शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
छत्तीसगढ़ में प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर छात्र लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बार-बार सामने आ रही गड़बड़ियों से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। छात्रों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने की मांग की है।
वहीं, ओडिशा में स्कूली पाठ्यपुस्तकों में कथित त्रुटियों को लेकर विवाद गहरा गया है। विपक्ष और छात्र संगठनों ने राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी सवाल उठाए हैं। बीजू जनता दल (बीजेडी) के छात्र संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में जवाबदेही तय नहीं की गई तो आंदोलन और व्यापक किया जाएगा।
पंजाब में भी शिक्षा व्यवस्था को लेकर असंतोष बढ़ रहा है। राज्य में भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने के आरोपों के बाद छात्र संगठनों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि बार-बार होने वाली ऐसी घटनाओं से मेहनती अभ्यर्थियों का भरोसा परीक्षा प्रणाली से उठता जा रहा है। उन्होंने दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, समयबद्ध जांच और जवाबदेही सुनिश्चित किए बिना छात्रों का विश्वास बहाल करना कठिन होगा। लगातार सामने आ रहे विवाद इस बात का संकेत हैं कि परीक्षा संचालन और शैक्षणिक सामग्री की गुणवत्ता को लेकर व्यापक सुधार की आवश्यकता है।





