वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में एक स्थायी हेलीपैड बनाने का निर्देश दिया है। इस परियोजना को लेकर विवाद शुरू हो गया है क्योंकि रिपोर्टों के अनुसार निर्माण कार्य शुरू करने से पहले पारंपरिक मंजूरी प्रक्रियाओं को पूरा नहीं किया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित हेलीपैड ब्लैक ग्रेनाइट से बनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य नए और अधिक भारी Sikorsky VH-92A Patriot हेलिकॉप्टरों की लैंडिंग के दौरान व्हाइट हाउस के लॉन को होने वाले नुकसान से बचाना बताया जा रहा है।
ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि मौजूदा घास वाला क्षेत्र बड़े हेलिकॉप्टरों के लगातार इस्तेमाल के लिए उपयुक्त नहीं है। स्थायी हेलीपैड बनने से राष्ट्रपति और सुरक्षा अधिकारियों की आवाजाही अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित हो सकेगी।
हालांकि, इस निर्माण को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि व्हाइट हाउस परिसर जैसे ऐतिहासिक और संरक्षित स्थान पर किसी बड़े बदलाव से पहले संबंधित संस्थाओं की अनुमति और समीक्षा जरूरी होती है या नहीं। आलोचकों का कहना है कि ऐसी परियोजनाओं में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।
व्हाइट हाउस परिसर में निर्माण और बदलाव आमतौर पर कई सुरक्षा, ऐतिहासिक संरक्षण और वास्तु संबंधी प्रक्रियाओं के तहत किए जाते हैं। राष्ट्रपति भवन से जुड़े किसी भी स्थायी बदलाव पर लंबे समय से विशेष निगरानी रखी जाती रही है।
ट्रंप इससे पहले भी व्हाइट हाउस परिसर में बदलावों को लेकर चर्चा में रहे हैं। उनका प्रशासन परिसर के आधुनिकीकरण और सुरक्षा सुविधाओं में सुधार को प्राथमिकता देता रहा है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि हेलीपैड निर्माण की सभी औपचारिक स्वीकृतियां बाद में पूरी की जाएंगी या नहीं। इस परियोजना पर राजनीतिक और प्रशासनिक बहस जारी रहने की संभावना है।





