चेन्नई। तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले में एक दिव्यांग व्यक्ति की न्यायिक हिरासत में मौत को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। विपक्षी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर निशाना साधते हुए पूछा है कि इस गंभीर मामले पर सरकार अब तक चुप क्यों है।
मृतक की पहचान 35 वर्षीय सबरी वर्मन के रूप में हुई है। उन्हें एक मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में नागरकोइल उप-जेल भेजा गया था। 13 जुलाई को जेल में उनकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि जेल कर्मचारियों ने उनके साथ मारपीट की थी। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर तीन जेल कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है।
डीएमके नेताओं ने कहा कि जब उनकी पार्टी सत्ता में थी, तब विजय हिरासत में मौत के मामलों पर सरकार को घेरते थे, लेकिन अब मुख्यमंत्री बनने के बाद इस घटना पर उनकी चुप्पी सवाल खड़े करती है। विपक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
उधर, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। सरकार की ओर से अभी तक इस विवाद पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इस घटना के बाद राज्य में कानून-व्यवस्था और जेल प्रशासन को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।





