नई दिल्ली। महादेव ऑनलाइन बुक (Mahadev Betting App) मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कारोबारी विकास गर्ग, उनके परिवार और उनसे जुड़ी संस्थाओं की करीब 940.77 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच कर दी हैं। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की गई है।
ईडी के अनुसार, अटैच की गई संपत्तियों में चल और अचल संपत्तियां, आवासीय संपत्तियां, जमीन के टुकड़े, शेयर और अन्य प्रतिभूतियां शामिल हैं। एजेंसी ने बताया कि इस कार्रवाई के बाद महादेव ऑनलाइन बुक और उससे जुड़े अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क मामले में अब तक अटैच, जब्त या फ्रीज की गई कुल संपत्तियों का मूल्य करीब 3,800 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
जांच एजेंसी का आरोप है कि महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज जैसे अवैध सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म से अर्जित कथित अपराध की रकम को कई स्तरों पर घुमाकर वैध निवेश के रूप में पेश किया गया। ईडी ने दावा किया है कि विकास गर्ग से जुड़ी संस्थाओं में कथित तौर पर ऐसी रकम पहुंचाई गई और बाद में इसका इस्तेमाल विभिन्न परिसंपत्तियों और निवेशों में किया गया।
ईडी ने यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की है। एजेंसी इससे पहले भी महादेव सट्टा ऐप नेटवर्क से जुड़े कई लोगों और संस्थाओं के खिलाफ छापेमारी, संपत्ति जब्ती और कानूनी कार्रवाई कर चुकी है।
जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर ईडी का कहना है कि कथित सट्टेबाजी नेटवर्क विदेशों से संचालित होने वाले पैनल सिस्टम के जरिए काम कर रहा था और इससे बड़ी मात्रा में अवैध कमाई की गई। एजेंसी इस मामले में फंड के स्रोत, लेन-देन और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
महादेव ऑनलाइन बुक मामला पिछले कुछ समय से जांच एजेंसियों के निशाने पर है। इसमें कथित अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी, हवाला नेटवर्क और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। ईडी की ताजा कार्रवाई को इसी जांच की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।





