हल्द्वानी। कुमाऊं के आस्था के प्रमुख केंद्र रानीबाग चित्राशिला घाट में बाबा चित्रेश्वर महादेव मंदिर और मोक्षधाम परिसर के भीतर फूड कोर्ट (चौपाटी) शुरू करने की कोशिश ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। उद्घाटन के कुछ ही घंटों बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा इस कदर फूटा कि प्रशासन को बैकफुट पर आना पड़ा और महज 24 घंटे के भीतर नव-निर्मित चौपाटी को दोबारा सील कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि गार्गी (गोला) नदी के तट पर स्थित इस पवित्र स्थल पर पहले भी नशाखोरी और अव्यवस्था को लेकर स्थानीय लोग आंदोलन कर चुके थे। जनदबाव के बाद प्रशासन ने विवादित हिस्से को सील किया था। इसके बावजूद उसी क्षेत्र में फूड कोर्ट खोलने की तैयारी कर उद्घाटन कर दिए जाने से लोगों की धार्मिक भावनाएं भड़क उठीं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मोक्षधाम और शनिदेव मंदिर परिसर जैसी पवित्र भूमि पर व्यावसायिक गतिविधियां शुरू करना आस्था के साथ खिलवाड़ है। जैसे ही चौपाटी के उद्घाटन की तस्वीरें सामने आईं, सोशल मीडिया से लेकर क्षेत्र की सड़कों तक विरोध तेज हो गया। लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए इसे धार्मिक स्थल की गरिमा के खिलाफ बताया।
बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चौपाटी को अगले आदेश तक फिर से सील कर दिया। प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि नियमों का उल्लंघन या अवैध निर्माण पाया गया तो संबंधित बाउंड्री वॉल और निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
फिलहाल पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में पुलिस और प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी गई है। वहीं स्थानीय नागरिकों ने इसे जनशक्ति और आस्था की जीत बताते हुए कहा है कि जब तक विवादित निर्माण पूरी तर





