कोलकाता। पश्चिम बंगाल में अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए नया एंटी-गुंडा कानून 13 जुलाई से लागू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री शुभेंदु ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि सरकार राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए कानून के लागू होने के बाद हिंसा, धमकी, जबरन वसूली और संगठित अपराध जैसी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य ऐसे तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है, जो समाज में भय का माहौल पैदा करते हैं।
प्रस्तावित कानून के तहत पुलिस और प्रशासन को अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अतिरिक्त अधिकार मिलने की संभावना है। सरकार का कहना है कि कानून का इस्तेमाल केवल उन लोगों के खिलाफ किया जाएगा, जो आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त हैं और सार्वजनिक शांति को प्रभावित करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कानून का शासन बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अपराधियों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की जाए और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
नए कानून को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। जहां सरकार इसे अपराध नियंत्रण के लिए जरूरी कदम बता रही है, वहीं विपक्ष की ओर से इसके प्रावधानों और संभावित दुरुपयोग को लेकर सवाल उठाए जा सकते हैं।
सरकार का कहना है कि कानून लागू होने के बाद इसकी प्रभावशीलता की समीक्षा भी की जाएगी, ताकि जरूरत के अनुसार इसमें सुधार किए जा सकें। 13 जुलाई से लागू होने वाला यह कानून राज्य में अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।





