नई दिल्ली। अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई द्वारा गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर कनाडा में खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की 2023 में हुई हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाए जाने के बाद भी उसके भारत में ही जेल में रहने की संभावना है। कानूनी और कूटनीतिक प्रक्रियाओं के चलते फिलहाल उसके अमेरिका प्रत्यर्पण की कोई तत्काल संभावना नहीं दिख रही है।
अमेरिकी अभियोजकों के अनुसार, लॉस एंजिलिस की संघीय अदालत में दायर आरोपपत्र में कहा गया है कि लॉरेंस बिश्नोई ने भारतीय जेल में रहते हुए कथित तौर पर तस्करी से पहुंचाए गए मोबाइल फोन के जरिए हत्या की साजिश का संचालन किया। आरोप है कि उसने अपने सहयोगी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ के माध्यम से कनाडा में इस वारदात को अंजाम दिलाने की योजना बनाई।
हालांकि भारतीय कानून के तहत किसी भारतीय नागरिक का प्रत्यर्पण कई कानूनी और राजनयिक शर्तों पर निर्भर करता है। लॉरेंस बिश्नोई इस समय भारत में कई गंभीर आपराधिक मामलों में न्यायिक हिरासत में है। ऐसे में जब तक भारत में उसके खिलाफ लंबित मामलों की कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं होती और भारत सरकार किसी प्रत्यर्पण अनुरोध पर सहमति नहीं देती, तब तक उसका अमेरिका भेजा जाना संभव नहीं माना जा रहा है।
हरदीप सिंह निज्जर की जून 2023 में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद कनाडा और भारत के संबंधों में तनाव बढ़ गया था। अब अमेरिकी जांच एजेंसियों ने इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ पर आरोप तय किए हैं। हालांकि अमेरिकी आरोपपत्र में भारतीय सरकार की किसी भूमिका का उल्लेख नहीं किया गया है।
इस मामले को लेकर अमेरिका, कनाडा और अन्य देशों की एजेंसियां संगठित अपराध के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई कर रही हैं। वहीं भारत में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) पहले से ही लॉरेंस बिश्नोई और उससे जुड़े संगठित अपराध नेटवर्क की विभिन्न मामलों में जांच कर रही है।





