कोटाबाग़। राज्य सरकार के “सेवा, सुशासन एवं समर्पण” अभियान के अंतर्गत विकास खण्ड कोटाबाग के विकास खण्ड सभागार में “जन जन की सरकार जन के द्वार” कार्यक्रम के तहत वृहद जन कल्याणकारी शिविर एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्र की जनता ने बड़ी संख्या में प्रतिभाग कर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाया।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन को सरकारी योजनाओं की जानकारी उनके द्वार पर उपलब्ध कराना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना रहा।
शिविर में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत 16 नवोदित उद्यमियों को कुल 13 लाख रुपये के उपादान के चेक वितरित किए गए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना के तहत 4 महिलाओं को किट प्रदान किए गए।शिविर में विभागीय स्टॉलों के माध्यम से दी गई जानकारी उद्योग, कृषि, उद्यान, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण, बाल विकास स्वास्थ्य, आयुर्वेदिक, होम्योपैथी खाद्य सुरक्षा, राजस्व, पंचायतीराज, वन, श्रम, सेवायोजन, विद्युत, पेयजल,सहित विभिन्न कुल 27 विभागों द्वारा शिविर में स्टॉल लगाए गए।
इन विभागों से आए अधिकारियों ने उपस्थित जनता को स्वरोजगार, कृषि यंत्र अनुदान, उद्यान योजनाओं, पेंशन, छात्रवृत्ति जैसी तमाम योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उद्यमियों, स्वरोजगार के इच्छुक युवाओं एवं महिलाओं को उद्यम स्थापना, बैंक से ऋण, वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण तथा बाजार उपलब्धता के संबंध में विशेष मार्गदर्शन किया गया।शिविर में अधिकांश जनसमस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया।
शिविर में सांसद नैनीताल-उधमसिंगनगर अजय भट्ट,विधायक कालाढूंगी बंशीधर भगत एवं अपर जिलाधिकारी विवेक राय ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए जिन समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया। शेष समस्याओं के निस्तारण हेतु संबंधित विभागों को तत्काल निस्तारण कराने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर सांसद नैनीताल-उधमसिंह नगर अजय भट्ट ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे। इसी उद्देश्य से यह जन जन की सरकार जन जन के द्वार शिविर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में जिन समस्याओं का निस्तारण नहीं हो पाया है संबंधित विभाग द्वारा समयबद्ध रूप से निस्तारण किया जाये ।विधायक कालाढूंगी बंशीधर भगत ने कहा कि इस तरह के शिविरों से सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हो रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ रही है।




