अंकारा। नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बयान को लेकर चर्चा में आ गए। ट्रंप ने ईरान का जिक्र करते हुए गलती से उसे “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ जापान” कह दिया। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।
ट्रंप तुर्किये की राजधानी अंकारा में आयोजित नाटो सम्मेलन के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने ईरान के साथ जारी तनाव और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का जिक्र किया। इसी क्रम में उन्होंने ईरान के स्थान पर जापान का नाम ले लिया।
रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप अमेरिकी नौसेना के विमानवाहक पोत पर मिसाइल हमले की बात कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में मिसाइलें दागी गई थीं, जिन्हें अमेरिकी रक्षा प्रणाली ने नाकाम कर दिया। हालांकि, बयान देते समय देश के नाम को लेकर हुई इस गलती ने पूरी चर्चा का रुख बदल दिया।
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप किसी अंतरराष्ट्रीय मंच पर बोलते समय इस तरह की गलती को लेकर सुर्खियों में आए हैं। नाटो सम्मेलन के दौरान ही उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की को संबोधित करते हुए गलती से उन्हें “राष्ट्रपति पुतिन” कह दिया था, जिसके बाद उन्होंने तुरंत सुधार किया।
ट्रंप के इस बयान को लेकर विपक्षी नेताओं और राजनीतिक विश्लेषकों ने सवाल उठाए हैं। वहीं, उनके समर्थकों का कहना है कि लंबे सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान बोलते समय इस तरह की जुबानी गलतियां हो सकती हैं।
नाटो सम्मेलन में ट्रंप ने ईरान को लेकर कड़ा रुख भी दोहराया। उन्होंने क्षेत्रीय तनाव, सैन्य कार्रवाई और अमेरिका की सुरक्षा नीति से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। हालांकि, उनकी जुबानी चूक ने सम्मेलन के दौरान सबसे अधिक सुर्खियां बटोरीं।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया में ट्रंप के इस बयान को कूटनीतिक मंच पर हुई बड़ी चूक के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, सोशल मीडिया पर भी इस टिप्पणी को लेकर लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं।





