Top 5 This Week

Related Posts

अमेरिका-ईरान वार्ता में कतर की मध्यस्थता की जयशंकर ने की सराहना, कूटनीतिक भूमिका को बताया अहम

नई दिल्ली/दोहा। भारत के विदेश मंत्री Subrahmanyam Jaishankar ने अमेरिका-ईरान के बीच चल रही कूटनीतिक वार्ताओं में कतर की मध्यस्थता भूमिका की सराहना की है। उन्होंने कहा कि जटिल क्षेत्रीय और वैश्विक परिस्थितियों में संवाद को आगे बढ़ाने में कतर जैसी मध्यस्थ शक्तियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती जा रही है।

विदेश मंत्री जयशंकर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव और भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच विभिन्न देशों द्वारा संवाद और कूटनीतिक समाधान की कोशिशें जारी हैं। अमेरिका और ईरान के बीच कई मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं, जिनके समाधान के लिए अप्रत्यक्ष वार्ता और मध्यस्थ देशों की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

जयशंकर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय विवादों को सुलझाने के लिए संवाद ही सबसे प्रभावी मार्ग है और कतर ने इस दिशा में जिम्मेदार भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भारत हमेशा से कूटनीति और शांतिपूर्ण समाधान के पक्ष में रहा है और ऐसे प्रयासों का समर्थन करता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, कतर लंबे समय से क्षेत्रीय कूटनीति में एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है, चाहे वह अफगानिस्तान से जुड़े मुद्दे हों या पश्चिम एशिया के अन्य तनावपूर्ण हालात। अमेरिका-ईरान वार्ता में उसकी भागीदारी को भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है।

भारत का रुख लगातार यह रहा है कि क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक सुरक्षा के लिए बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। जयशंकर के इस बयान को इसी नीति की निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है।

कुल मिलाकर, विदेश मंत्री का यह बयान अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में मध्यस्थ देशों की बढ़ती भूमिका और भारत के संतुलित विदेश नीति दृष्टिकोण को रेखांकित करता है।

 

Popular Articles