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एक फर्जी लाइसेंस,दो हथियार, एसटीएफ ने खोली बड़े सिंडिकेट की नई परत

एक अभियुक्त गिरफ्तार,अब तक 13 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी, 30 बोर की सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल, .315 बोर की राइफल, आठ जिंदा कारतूस बरामद

रुद्रपुर। उत्तराखंड एसटीएफ के द्वारा फर्जी शस्त्र लाइसेंस सिंडिकेट के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए 13वें अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। इस बार जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि एक ही फर्जी शस्त्र लाइसेंस नंबर पर दो कूटरचित लाइसेंस तैयार कर दो अलग-अलग हथियार खरीदे गए थे। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान पलविन्दर सिंह निवासी कचनालगाजी, काशीपुर के रूप में हुई है। एसटीएफ ने उसके कब्जे से .30 बोर की सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल, .315 बोर की राइफल और दोनों के आठ जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। साथ ही फर्जी शस्त्र लाइसेंस भी कब्जे में लिया गया है।
एसटीएफ के मुताबिक मुख्यमंत्री के निर्देश पर अवैध हथियारों और फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारकों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के दौरान यह मामला सामने आया। जांच में सामने आया है कि फर्जी लाइसेंस नेटवर्क का दायरा उम्मीद से कहीं अधिक व्यापक है और इसके तार कई राज्यों तक जुड़े हो सकते हैं। इसी वजह से पूरा प्रकरण अब राष्ट्रीय स्तर की जांच का विषय बनता जा रहा है।
ऑपरेशन प्रहार के तहत अब तक 13 अभियुक्तों की गिरफ्तारी,19 अवैध हथियार, 358 जिंदा कारतूस तथा बड़ी संख्या में फर्जी एवं संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस बरामद किए जा चुके हैं।एसटीएफ ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारकों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे स्वयं अपने हथियार और लाइसेंस के साथ आत्मसमर्पण करें, अन्यथा जांच एजेंसियां उनके घर तक पहुंचकर कानूनी कार्रवाई करेंगी।

इस कार्रवाई में साईबर पुलिस स्टेशन के निरीक्षक अरुण कुमार, एसटीएफ कुमाऊं प्रभारी निरीक्षक एमपी सिंह, एसआई प्रकाश भगत, हेड कांस्टेबल मोहित वर्मा, कांस्टेबल रवि बोरा, हेड कांस्टेबल चालक संजय कुमार, हेड कांस्टेबल मनोज बवाड़ी,हेड कांस्टेबल सुरेंद्र कनवाल आदि पुलिस कर्मी शामिल रहे।

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