नई दिल्ली। साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और पीड़ितों को त्वरित राहत प्रदान करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सभी राज्यों में ई-जीरो एफआईआर प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए हैं। 52वीं प्रगति (PRAGATI) बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया जाना चाहिए, ताकि पीड़ितों को विभिन्न एजेंसियों और थानों के चक्कर न लगाने पड़ें।
प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों (DGP) के साथ समन्वय स्थापित कर इस व्यवस्था को जल्द से जल्द पूरे देश में लागू किया जाए। वर्तमान में केवल कुछ राज्यों में ही ई-जीरो एफआईआर प्रणाली संचालित है।
ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था के तहत साइबर वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित शिकायतें राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) या हेल्पलाइन 1930 पर दर्ज होते ही स्वतः एफआईआर में परिवर्तित की जा सकेंगी। इससे जांच प्रक्रिया तुरंत शुरू होगी और ठगी की रकम को ट्रैक कर वापस दिलाने की संभावना भी बढ़ेगी।
गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) द्वारा शुरू की गई यह पहल पहले दिल्ली में पायलट परियोजना के रूप में लागू की गई थी। इसके सकारात्मक परिणामों को देखते हुए अब इसे राष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।
सरकार का मानना है कि साइबर अपराधों में त्वरित कार्रवाई ही सबसे प्रभावी उपाय है। ई-जीरो एफआईआर लागू होने से शिकायत दर्ज करने में लगने वाला समय कम होगा, जांच एजेंसियों को तुरंत कानूनी कार्रवाई का अधिकार मिलेगा और साइबर अपराधियों पर तेजी से शिकंजा कसा जा सकेगा। यह पहल ‘साइबर सुरक्षित भारत’ के लक्ष्य को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।





