वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने उस बयान पर सफाई दी है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर G7 समूह को लेकर “मैं ही बॉस हूं” जैसी टिप्पणी की थी। ट्रंप ने अब इसे लेकर कहा है कि उनका वह बयान गंभीर नहीं था और वह केवल मजाक कर रहे थे।
ट्रंप के इस कथित बयान को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई थी, जिसके बाद उन्होंने मीडिया और अपने समर्थकों के बीच स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि उनके शब्दों को गलत संदर्भ में लिया गया और उनका उद्देश्य किसी भी तरह की औपचारिक या कूटनीतिक टिप्पणी करना नहीं था।
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह हमेशा G7 जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अमेरिका के हितों को प्राथमिकता देने की बात करते रहे हैं, लेकिन “मैं बॉस हूं” वाली टिप्पणी केवल हल्के-फुल्के अंदाज में कही गई थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसे गंभीर राजनीतिक बयान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब वैश्विक मंचों पर अमेरिका की भूमिका और नेतृत्व को लेकर लगातार बहस चल रही है। ट्रंप पहले भी अपने बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट्स को लेकर सुर्खियों में रहे हैं, जिनमें कई बार उनके बयान राजनीतिक विवाद का कारण बने हैं।
G7, जिसमें अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और ब्रिटेन शामिल हैं, वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों पर समन्वय के लिए एक महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। ऐसे में किसी भी सदस्य देश के नेता की टिप्पणी को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से गंभीरता से देखा जाता है।
ट्रंप की सफाई के बाद उनके बयान पर चल रही बहस में कुछ कमी आई है, हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके इस तरह के बयान अक्सर वैश्विक मीडिया में चर्चा का विषय बनते हैं और कूटनीतिक संदेशों को प्रभावित करते हैं।
फिलहाल, ट्रंप ने इस पूरे विवाद को हल्के में लेते हुए इसे “हास्यपूर्ण टिप्पणी” बताया है और कहा है कि उनका उद्देश्य किसी भी तरह का विवाद पैदा करना नहीं था।





