Top 5 This Week

Related Posts

हरिद्वार भूमि घोटाला: धामी सरकार का बड़ा एक्शन, पूर्व नगर आयुक्त की बर्खास्तगी की सिफारिश, तत्कालीन डीएम पर भी कार्रवाई प्रस्तावित

देहरादून। हरिद्वार नगर निगम के बहुचर्चित भूमि खरीद घोटाले में उत्तराखंड की धामी सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। सरकार ने मामले में तत्कालीन जिलााधिकारी (डीएम) और पूर्व नगर आयुक्त के खिलाफ कठोर कार्रवाई की संस्तुति की है, जबकि एक अन्य अधिकारी पर भी दंडात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव किया गया है।

सूत्रों के अनुसार, सरकार ने पूर्व नगर आयुक्त की बर्खास्तगी की सिफारिश की है। वहीं तत्कालीन डीएम के खिलाफ ‘मेजर पनिशमेंट’ यानी गंभीर दंड की अनुशंसा की गई है। इसके साथ ही एक एसडीएम की तीन वेतनवृद्धियां रोकने की भी सिफारिश की गई है।

यह मामला वर्ष 2024 में हरिद्वार नगर निगम द्वारा की गई एक बड़ी भूमि खरीद से जुड़ा है, जिसमें नियमों की अनदेखी और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप सामने आए थे। आरोप है कि नगर निगम ने अनुपयुक्त भूमि को ऊंची दरों पर खरीदकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया।

घोटाले के उजागर होने के बाद राज्य सरकार ने शुरुआती जांच के आधार पर कई अधिकारियों को निलंबित किया था और मामले की विस्तृत जांच विजिलेंस को सौंपी गई थी। जांच रिपोर्ट में कई स्तरों पर प्रशासनिक और प्रक्रियात्मक खामियों की ओर इशारा किया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस प्रकरण पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामलों में सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

सरकार के इस कदम को राज्य प्रशासन में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। मामले में अंतिम निर्णय संबंधित विभागों की आगे की कार्रवाई और शासन स्तर पर समीक्षा के बाद लिया जाएगा।

 

Popular Articles