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IAEA ने भारत के परमाणु सुरक्षा रिकॉर्ड को बताया बेदाग, विस्तार योजनाओं के बीच मिली बड़ी अंतरराष्ट्रीय मान्यता

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को लेकर बड़ा बयान देते हुए देश के परमाणु सुरक्षा रिकॉर्ड को पूरी तरह “बेदाग” और अत्यंत मजबूत बताया है। यह आकलन भारत के तेजी से हो रहे परमाणु ऊर्जा विस्तार के बीच आया है, जिसे एक महत्वपूर्ण वैश्विक मान्यता के रूप में देखा जा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने अपने मौजूदा परमाणु संयंत्रों के संचालन में अब तक किसी भी बड़ी दुर्घटना या सुरक्षा चूक को दर्ज नहीं किया है। देश में लगभग दो दर्जन सक्रिय परमाणु रिएक्टर सुरक्षित तरीके से कार्य कर रहे हैं और नियामक मानकों का पालन लगातार सख्ती से किया जा रहा है।

IAEA ने अपनी समीक्षा में भारत की परमाणु नियामक प्रणाली, तकनीकी दक्षता और सुरक्षा ढांचे की सराहना की है। एजेंसी ने कहा कि भारत का सुरक्षा रिकॉर्ड वैश्विक मानकों के अनुरूप ही नहीं बल्कि कई मामलों में मजबूत भी है।

भारत सरकार ने आगामी वर्षों में परमाणु ऊर्जा क्षमता को तेजी से बढ़ाने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। इसके तहत वर्ष 2047 तक लगभग 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इस विस्तार को देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों और स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों से जोड़कर देखा जा रहा है।

IAEA की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि विस्तार के बावजूद भारत ने सुरक्षा मानकों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया है। नए रिएक्टरों के निर्माण और संचालन में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि IAEA की यह पुष्टि भारत के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निवेश और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और मजबूत कर सकती है। इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा को भी दीर्घकालिक मजबूती मिलने की संभावना है।

हालांकि रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि विस्तार के साथ नियामक निगरानी और तकनीकी संसाधनों को और मजबूत

 

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