नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं और इन्हें नई दिशा देने की आवश्यकता है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने यह बात दक्षिण अफ्रीका के उपराष्ट्रपति के साथ हुई उच्चस्तरीय मुलाकात के दौरान कही। बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, तकनीक, ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और दक्षिण अफ्रीका वैश्विक दक्षिण (Global South) के महत्वपूर्ण साझेदार हैं और दोनों देशों को मिलकर विकास, रोजगार और नवाचार के नए अवसरों को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से छोटे और मध्यम उद्यमों (MSME) को मजबूत करने और आपसी व्यापार को सरल बनाने पर बल दिया।
बैठक में दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि आने वाले समय में व्यापारिक आदान-प्रदान, निवेश और तकनीकी सहयोग को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। साथ ही, दोनों पक्षों ने वैश्विक मंचों पर भी एक-दूसरे के साथ सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
जानकारों के अनुसार, भारत और दक्षिण अफ्रीका के संबंध ऐतिहासिक रूप से मजबूत रहे हैं और अब इन्हें आधुनिक आर्थिक जरूरतों के अनुसार और विस्तार दिया जा रहा है।
इस मुलाकात को दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देने वाला कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में कई नए समझौते और निवेश परियोजनाएं सामने आ सकती हैं, जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को लाभ मिलेगा।





