नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच तकनीकी सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। दोनों देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में साझेदारी को विस्तार देने पर सहमति जताई है। इस सहयोग को भविष्य की डिजिटल और रणनीतिक तकनीकों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने हाल ही में आईआईटी दिल्ली का दौरा किया, जहां उन्होंने भारतीय वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और छात्रों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका मिलकर नई तकनीकी क्रांति का नेतृत्व कर सकते हैं, खासकर एआई और चिप निर्माण जैसे क्षेत्रों में।
सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच चल रहे सहयोग का उद्देश्य मजबूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन तैयार करना है, ताकि सेमीकंडक्टर निर्माण, एआई विकास और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता बढ़ाई जा सके। इस साझेदारी से शोध, नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
भारत पहले से ही राष्ट्रीय क्वांटम मिशन और सेमीकंडक्टर मिशन जैसी योजनाओं पर काम कर रहा है, जिसका लक्ष्य देश को हाई–टेक मैन्युफैक्चरिंग और रिसर्च का वैश्विक केंद्र बनाना है। वहीं अमेरिका के साथ सहयोग से इन प्रयासों को और गति मिलने की संभावना है।





