नई दिल्ली/वॉशिंगटन। सोशल मीडिया दिग्गज कंपनी मेटा ने अपने प्रमुख प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप सहित अन्य सेवाओं के लिए पेड सब्सक्रिप्शन मॉडल की शुरुआत कर दी है। कंपनी ने “प्लस” नाम से नई प्रीमियम सेवाएं लॉन्च की हैं, जिनके तहत यूजर्स को अतिरिक्त फीचर्स के बदले मासिक शुल्क देना होगा।
रिपोर्टों के अनुसार मेटा ने इंस्टाग्राम प्लस, फेसबुक प्लस और व्हाट्सऐप प्लस को वैश्विक स्तर पर रोलआउट करना शुरू कर दिया है। इन सब्सक्रिप्शन सेवाओं की कीमत लगभग 2.99 डॉलर से 3.99 डॉलर प्रति माह के बीच रखी गई है।
नई योजना के तहत यूजर्स को स्टोरीज से जुड़े एडवांस फीचर्स, प्रोफाइल कस्टमाइजेशन, बेहतर प्राइवेसी कंट्रोल, एक्सक्लूसिव रिएक्शन और चैट व स्टोरी एनालिटिक्स जैसी सुविधाएं मिलेंगी। व्हाट्सऐप प्लस में चैट पिन लिमिट बढ़ाने, कस्टम थीम और नए स्टिकर जैसे फीचर्स शामिल किए गए हैं।
मेटा के अनुसार यह कदम कंपनी की पारंपरिक विज्ञापन–आधारित कमाई पर निर्भरता को कम करने और नए राजस्व स्रोत विकसित करने की रणनीति का हिस्सा है। कंपनी अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्रिएटर्स और बिजनेस यूजर्स के लिए भी अलग–अलग सब्सक्रिप्शन योजनाओं पर काम कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से सोशल मीडिया उपयोग के तरीके में बड़ा परिवर्तन आ सकता है, क्योंकि लंबे समय से “फ्री” उपलब्ध रहने वाले प्लेटफॉर्म अब आंशिक रूप से पेड मॉडल की ओर बढ़ रहे हैं। हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया है कि बेसिक सेवाएं पहले की तरह मुफ्त ही रहेंगी।
हाल ही में मेटा ने यूरोप में विज्ञापन–मुक्त पेड सेवाओं का प्रयोग भी किया था, और अब इसे वैश्विक स्तर पर विस्तार दिया जा रहा है।
टेक विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम मेटा के लिए दीर्घकाल में फायदेमंद हो सकता है, लेकिन उपयोगकर्ताओं की प्रतिक्रिया इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रीमियम फीचर्स कितने उपयोगी साबित होते हैं।
फिलहाल यह देखा जाना बाकी है कि क्या यूजर्स इन नई सेवाओं के लिए भुगतान करने को तैयार होंगे या नहीं।





