Top 5 This Week

Related Posts

लिपुलेख मार्ग से भारत-चीन व्यापार 1 जून से फिर शुरू, छह साल बाद बहाली की तैयारी

पिथौरागढ़/नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच सीमा व्यापार एक बार फिर शुरू होने जा रहा है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित लिपुलेख दर्रे के जरिए 1 जून 2026 से दोनों देशों के बीच व्यापार पुनः आरंभ किया जाएगा। यह व्यापार पिछले लगभग छह वर्षों से कोविड-19 महामारी और सीमा पर तनाव के चलते बंद था।

अधिकारियों के अनुसार, लिपुलेख दर्रे पर हर साल जून से सितंबर तक सीमित अवधि के लिए पारंपरिक सीमा व्यापार की अनुमति रहती है। इस बार भी इसी अवधि में व्यापारिक गतिविधियों को शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, केंद्र और राज्य स्तर पर आवश्यक प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सीमा क्षेत्र में सुरक्षा बलों, सीमा शुल्क विभाग और स्थानीय प्रशासन को समन्वय के निर्देश दिए गए हैं ताकि व्यापारिक गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित हो सकें।

लिपुलेख मार्ग भारतचीन (तिब्बत क्षेत्र) के बीच ऐतिहासिक व्यापारिक रास्तों में से एक है। यह केवल व्यापार के लिए बल्कि कैलाश मानसरोवर यात्रा जैसे धार्मिक मार्गों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। महामारी के बाद इस मार्ग पर गतिविधियां पूरी तरह ठप हो गई थीं।

विशेषज्ञों का मानना है कि व्यापार पुनः शुरू होने से सीमावर्ती क्षेत्रों की स्थानीय अर्थव्यवस्था को राहत मिलेगी और पारंपरिक व्यापारिक समुदायों को फिर से रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

हालांकि, यह क्षेत्र भूराजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील भी माना जाता है, क्योंकि यह भारत, चीन और नेपाल की त्रिकोणीय सीमा के पास स्थित है। ऐसे में किसी भी प्रकार की गतिविधि को लेकर कूटनीतिक संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

गौरतलब है कि वर्ष 2020 के बाद से इस मार्ग पर व्यापार पूरी तरह बंद था, जिसके कारण सीमावर्ती व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था। अब इसके पुनः शुरू होने से स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल है।

Popular Articles