नई दिल्ली। देश में पड़ रही भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों से ऑनलाइन माध्यम से सुनवाई में शामिल होने की भावपूर्ण अपील की है। शीर्ष अदालत ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में वर्चुअल सुनवाई न केवल सुविधाजनक है, बल्कि स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिहाज से भी जरूरी कदम साबित हो सकती है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि दिल्ली सहित कई हिस्सों में तापमान बेहद अधिक है, जिससे अधिवक्ताओं और अदालत आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अदालत ने कहा कि वकीलों को जहां संभव हो, ऑनलाइन सुनवाई का विकल्प अपनाना चाहिए।
पीठ ने स्पष्ट किया कि अदालत किसी भी वकील को केवल वर्चुअल माध्यम से पेश होने के लिए बाध्य नहीं कर सकती, लेकिन बार के सदस्यों से सहयोग की अपेक्षा जरूर करती है। न्यायालय ने कहा कि ऑनलाइन सुनवाई व्यवस्था कोविड काल में प्रभावी साबित हुई थी और जरूरत पड़ने पर इसका उपयोग फिर से बढ़ाया जा सकता है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी कहा कि वर्चुअल हियरिंग से यातायात, समय और ऊर्जा की बचत होती है। इससे अदालतों में भीड़ कम करने में भी मदद मिल सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने अधिवक्ताओं से अपील की कि वे परिस्थितियों को देखते हुए लचीला रुख अपनाएं और न्यायिक कार्यवाही को सुचारु बनाए रखने में सहयोग करें।
गौरतलब है कि देश के कई हिस्सों में इस समय गर्मी का प्रकोप चरम पर है। दिल्ली-एनसीआर में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच चुका है। ऐसे में अदालतों में आने-जाने वाले लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सुप्रीम कोर्ट की यह अपील इसी पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।






