नई दिल्ली। पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के परिणामों ने देश की राजनीति में नए समीकरण स्थापित कर दिए हैं। सबसे बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम पश्चिम बंगाल में देखने को मिला, जहां भारतीय जनता पार्टी पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है। लंबे समय से वामपंथ और क्षेत्रीय दल के प्रभुत्व वाले राज्य में भाजपा की यह जीत राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा में भाजपा को स्पष्ट जनादेश (208) मिला। चुनाव परिणामों को राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जहां सत्ता परिवर्तन ने आगामी लोकसभा चुनावों की रणनीति पर भी असर डालने के संकेत दिए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संगठन विस्तार, केंद्रीय नेतृत्व की सक्रियता और व्यापक चुनावी अभियान ने भाजपा को निर्णायक बढ़त दिलाने में भूमिका निभाई।
तमिलनाडु में भी चुनावी नतीजों ने नई राजनीतिक चर्चा को जन्म दिया है। अभिनेता-राजनीति से जुड़े नए राजनीतिक दल टीवीके (TVK) ने अपने पहले ही चुनाव में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए राज्य की पारंपरिक राजनीति को चुनौती दी है। हालांकि सरकार गठन को लेकर अंतिम तस्वीर सहयोगी दलों की रणनीति पर निर्भर मानी जा रही है।
केरल में कांग्रेस नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने बढ़त बनाते हुए सत्ता की ओर मजबूत कदम बढ़ाए हैं। राज्य में सत्ता परिवर्तन के संकेत मिल रहे हैं, जिसे वाम मोर्चे के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। केरल की राजनीति में यह परिणाम संगठनात्मक पुनर्संतुलन और मतदाता रुझानों में बदलाव का संकेत देता है।
पुडुचेरी में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपनी स्थिति बरकरार रखी है और सरकार गठन की दिशा में बढ़त बनाए रखी है। वहीं असम में भी भाजपा नेतृत्व वाले गठबंधन ने अपना प्रभाव कायम रखा है।वहीँ असम में हेमंत बिस्वा के नेतृतव में एक बार फिर बीजेपी राज्य में सरकार बनाने जा रही हैl असम में भी बीजेपी को जनता की ओर से प्रचंड समर्थन मिला हैl





