नई दिल्ली/लखनऊ/पटना।
उत्तर प्रदेश और बिहार में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने व्यापक जनहानि और नुकसान पहुंचाया है। तेज आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में दोनों राज्यों में कुल 44 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी प्रणाली के सक्रिय होने से उत्तर भारत के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश दर्ज की गई। अचानक आए तूफान के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे अधिक नुकसान हुआ, जहां खेतों या खुले स्थानों पर मौजूद लोग आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं से पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित रही और जनजीवन प्रभावित हुआ। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं बिहार के विभिन्न जिलों में भी बिजली गिरने और तेज आंधी से कई लोगों की जान चली गई। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
भारतीय मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी पूर्वी और मध्य भारत के कई इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और खेतों से दूर रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्री-मानसून अवधि में इस तरह के तेज आंधी-तूफान और बिजली गिरने की घटनाएं सामान्य हैं, लेकिन बदलते मौसमीय पैटर्न के कारण इनके प्रभाव में वृद्धि देखी जा रही है। प्रशासन ने नागरिकों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की अपील की है।





