नैनीताल। नैनीताल शहर के सिपाहीधारा क्षेत्र में पहाड़ी से भारी बोल्डर गिरने की घटना के बाद प्रशासन ने एहतियातन 24 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है, हालांकि समय रहते लोगों को सुरक्षित निकाल लिए जाने से बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार हाल के दिनों में लगातार बदलते मौसम और हल्की बारिश के कारण पहाड़ी कमजोर हो गई थी। इसी बीच अचानक पहाड़ी से बड़े पत्थर और मलबा नीचे की ओर गिरने लगा, जिससे आसपास के मकानों को खतरा पैदा हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जोखिम वाले मकानों को खाली कराने का निर्णय लिया। कुल 24 परिवारों को अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों और वैकल्पिक आवासों में शिफ्ट किया गया है। प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने क्षेत्र का निरीक्षण कर भू-वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों से स्थिति का आकलन कराने के निर्देश दिए हैं। विशेषज्ञों की टीम पहाड़ी की स्थिरता और आगे संभावित खतरे का अध्ययन कर रही है। जब तक क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक प्रभावित परिवारों को वापस घरों में जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में पहले भी पहाड़ी दरकने और पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आती रही हैं। लगातार हो रहे निर्माण कार्य और मौसम में बदलाव के कारण भू-संरचना पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। नागरिकों ने प्रशासन से स्थायी सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचें और किसी भी प्रकार की दरार, पत्थर खिसकने या भू-स्खलन की आशंका दिखने पर तुरंत सूचना दें। आपदा प्रबंधन विभाग ने भी अलर्ट जारी करते हुए निगरानी बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून से पहले पहाड़ी क्षेत्रों में इस प्रकार की घटनाएं बढ़ जाती हैं, इसलिए समय रहते जोखिम वाले इलाकों की पहचान और लोगों का सुरक्षित पुनर्वास बेहद आवश्यक है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे।





