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अमेरिका को UAE की दोटूक चेतावनी: ‘डॉलर छोड़ अब चीनी युआन में करेंगे तेल का व्यापार’; ईरान युद्ध के बीच खाड़ी देशों का बढ़ा आक्रोश

दुबई/वॉशिंगटन: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते युद्ध के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और अमेरिका के दशकों पुराने आर्थिक संबंधों में दरार आती दिख रही है। ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य संघर्ष से उपजे हालातों पर यूएई ने कड़ा रुख अपनाते हुए अमेरिका को चेतावनी दी है कि वह तेल और गैस के कारोबार के लिए अमेरिकी डॉलर का परित्याग कर सकता है। यूएई ने स्पष्ट किया है कि यदि मौजूदा संकट के कारण डॉलर की उपलब्धता प्रभावित होती है, तो वह वैकल्पिक मुद्राओं, विशेषकर चीनी ‘युआन’ (Yuan) में व्यापार शुरू करने पर विचार कर रहा है।

युद्ध के लिए राष्ट्रपति ट्रंप को ठहराया जिम्मेदार

यूएई ने क्षेत्र में मची अस्थिरता और युद्ध की विभीषिका के लिए प्रत्यक्ष रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। यूएई का मानना है कि अमेरिका द्वारा उठाए गए कड़े सैन्य कदम और नाकेबंदी के कारण पूरे खाड़ी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) खतरे में पड़ गई है। अमीरात के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि उनका धैर्य अब जवाब दे रहा है और वे अपने आर्थिक हितों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।

डॉलर स्वैप लाइन पर बढ़ी रार

इस चेतावनी की पृष्ठभूमि पिछले सप्ताह वॉशिंगटन में हुई एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक से जुड़ी है।

  • गवर्नर की बैठक: यूएई सेंट्रल बैंक के गवर्नर खालिद मोहम्मद बालामा ने वॉशिंगटन में अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट और फेडरल रिजर्व के शीर्ष अधिकारियों के साथ मुलाकात की थी।
  • स्वैप लाइन की मांग: इस बैठक के दौरान गवर्नर बालामा ने ‘डॉलर स्वैप लाइन’ (Dollar Swap Line) की तत्काल व्यवस्था करने की मांग उठाई थी, ताकि युद्ध के कारण बाजार में होने वाली डॉलर की कमी से निपटा जा सके।
  • अमेरिका का रुख: सूत्रों के अनुसार, अमेरिका की ओर से इस मामले में कोई ठोस आश्वासन न मिलने के कारण यूएई ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।

चीनी ‘युआन’ बन सकता है नया आधार

यूएई की यह चेतावनी वैश्विक ‘पेट्रो-डॉलर’ व्यवस्था के लिए एक बड़ा खतरा मानी जा रही है।

  1. विकल्प की तलाश: यदि यूएई अपने तेल का व्यापार चीनी युआन में शुरू करता है, तो यह डॉलर की वैश्विक प्रधानता को कमजोर कर देगा।
  2. चीन का प्रभाव: पिछले कुछ वर्षों में चीन और खाड़ी देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों में प्रगाढ़ता आई है, जिसे अमेरिका के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
  3. अन्य मुद्राओं पर विचार: यूएई ने केवल युआन ही नहीं, बल्कि अन्य क्षेत्रीय और डिजिटल मुद्राओं में भी भुगतान स्वीकार करने के संकेत दिए हैं।

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