ऋषिकेश: तीर्थनगरी ऋषिकेश में पुलिस और स्थानीय अभिसूचना इकाई (LIU) ने एक संयुक्त अभियान के दौरान अवैध रूप से रह रही एक बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर भारत में दाखिल हुई थी और उसने पश्चिम बंगाल में फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारतीय आधार कार्ड भी बनवा लिया था। पुलिस अब इस मामले में उन बिचौलियों की तलाश कर रही है जिन्होंने महिला की घुसपैठ और फर्जी दस्तावेज बनवाने में मदद की।
खुफिया सूचना पर हुई कार्रवाई
क्षेत्राधिकारी (CO) ऋषिकेश नीरज सेमवाल ने मामले का विवरण देते हुए बताया कि स्थानीय अभिसूचना इकाई को ऋषिकेश क्षेत्र में एक संदिग्ध विदेशी महिला के होने की गोपनीय सूचना मिली थी। एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया और महिला की धरपकड़ के निर्देश दिए।
नटराज चौक के पास से गिरफ्तारी
ऋषिकेश पुलिस और एलआईयू की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न हिस्सों में सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान बुधवार को टीम ने नटराज चौक क्षेत्र के डग रोड स्थित गेट नंबर तीन के पास से एक संदिग्ध महिला को हिरासत में लिया। तलाशी लेने पर महिला के पास से एक आधार कार्ड बरामद हुआ, जो जांच में फर्जी पाया गया।
पूछताछ में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस की कड़ी पूछताछ में महिला ने अपनी पहचान स्वीकार की।
- महिला का विवरण: 24 वर्षीय आरोपी महिला का नाम रीना उर्फ रीता है, जो बांग्लादेश के ढाका डिवीजन अंतर्गत जिला सरियातपुर के जजीरा थाने की रहने वाली है।
- घुसपैठ की कहानी: महिला ने बताया कि वह करीब एक माह पूर्व इंटरनेट मीडिया के माध्यम से एक बिचौलिए के संपर्क में आई थी। उसी व्यक्ति की मदद से वह अवैध रूप से सीमा पार कर भारत पहुंची।
- फर्जी दस्तावेज: भारत में प्रवेश करने के बाद वह पश्चिम बंगाल गई, जहाँ उसने जाली कागजातों का उपयोग कर अपना भारतीय आधार कार्ड बनवाया।
दो दिन पहले ही आई थी ऋषिकेश
जांच में सामने आया कि महिला करीब दो दिन पहले ही ऋषिकेश पहुँची थी। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि ऋषिकेश में उसका संपर्क किन लोगों से था और वह यहाँ किस मकसद से आई थी। पुलिस ने महिला के खिलाफ विदेशी विषयक अधिनियम (Foreigners Act) और धोखाधड़ी की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।





