तेहरान/यरूशलेम। मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष के बीच मंगलवार, 7 अप्रैल 2026 को अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर हमलों का एक नया और विनाशकारी चरण शुरू किया है। ताजा हवाई हमलों में उत्तरी ईरान के अल्बोर्ज प्रांत को भारी निशाना बनाया गया है, जहाँ कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें दो मासूम बच्चे भी शामिल हैं। वहीं, ईरान ने भी पलटवार करते हुए इस्राइल और सऊदी अरब के तेल ठिकानों पर मिसाइलें दागकर युद्ध को और अधिक भयावह मोड़ दे दिया है।
अल्बोर्ज और तेहरान के रिहायशी इलाकों पर बमबारी
ईरानी मीडिया और आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मंगलवार सुबह अमेरिकी और इस्राइली लड़ाकू विमानों ने अल्बोर्ज प्रांत के कई रिहायशी इलाकों और आश्रय स्थलों पर बम बरसाए।
- हताहतों का आंकड़ा: अल्बोर्ज के उप-राज्यपाल ने पुष्टि की है कि इन हमलों में 18 लोगों की जान गई है और 24 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।
- रिहायशी ठिकानों पर हमला: तेहरान के पास स्थित परदिस (Pardis) शहर में भी एक रिहायशी इमारत पर हमले में 6 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 3 बच्चे शामिल थे।
- रेड क्रिसेंट की चेतावनी: ईरानी रेड क्रिसेंट संगठन ने कड़ी निंदा करते हुए कहा कि निहत्थे नागरिकों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाना ‘युद्ध अपराध’ है। उन्होंने बताया कि अब तक कुल 17 रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया है।
रणनीतिक ठिकानों पर प्रहार: खोर्रमाबाद एयरपोर्ट पर हमला
सैन्य स्तर पर इस्राइल ने ईरान के परिवहन और सामरिक बुनियादी ढांचे को पंगु बनाने की रणनीति अपनाई है।
- एयरपोर्ट्स को निशाना: पश्चिमी ईरान में स्थित खोर्रमाबाद (Khorramabad) हवाई अड्डे और तेहरान के मेहराबाद (Mehrabad) हवाई अड्डे पर भीषण बमबारी की गई है।
- रेलवे के लिए चेतावनी: इस्राइल ने फारसी भाषा में एक विशेष चेतावनी जारी कर ईरानी नागरिकों को ट्रेनों और रेलवे लाइनों से दूर रहने को कहा है, जिससे संकेत मिलता है कि अब ईरान का रेल नेटवर्क इस्राइल के अगले निशाने पर है।
ईरान का पलटवार: सऊदी और इस्राइल पर मिसाइल दाग़ीं
ईरान ने इन हमलों का जवाब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत मिसाइलों और ड्रोनों से दिया है।
- सऊदी अरब पर हमला: ईरान ने सऊदी अरब के जुबैल (Jubail) स्थित एक बड़े पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर मिसाइल हमला किया, जिससे वहां भीषण आग लग गई।
- इस्राइल में सायरन: मंगलवार को पूरे इस्राइल में हवाई हमले के सायरन गूंजते रहे। यरूशलेम और तेल अवीव के पास कई ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया गया, जिसके मलबे से नागरिक इलाकों में नुकसान पहुँचा है।
ट्रम्प की डेडलाइन और बढ़ता संकट
यह भीषण हमला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा दी गई उस ‘मंगलवार शाम’ की डेडलाइन के ठीक पहले हुआ है, जिसमें उन्होंने ईरान को समझौते की मेज पर आने या ‘पूर्ण विनाश’ का सामना करने की चेतावनी दी थी।
“स्थिति अब नियंत्रण से बाहर होती दिख रही है। 28 फरवरी को शुरू हुए इस संघर्ष में अब तक 1,340 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। वैश्विक बाजार और विमानन सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं, और पश्चिम एशिया एक महायुद्ध की दहलीज पर खड़ा है।” — राजनयिक विश्लेषक





