Top 5 This Week

Related Posts

चेन्नई की एग्मोर सीट पर ‘विरासत बनाम नए चेहरे’: वकील, यूट्यूबर और पेशेवरों के बीच चौतरफा मुकाबला; क्या सेंध लगा पाएंगे ‘थलपति’ विजय?

चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए बिगुल बज चुका है और 23 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले राज्य की राजनीति में सरगर्मी तेज है। इस चुनाव में चेन्नई की एग्मोर (आरक्षित) सीट सबसे हॉट सीटों में से एक बनकर उभरी है। पारंपरिक रूप से द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) का गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर इस बार मुकाबला द्विपक्षीय नहीं, बल्कि चौतरफा (Quadrangular) है। दिलचस्प बात यह है कि सभी प्रमुख दलों ने यहां से ऐसे चेहरों को उतारा है जो पहली बार चुनावी अखाड़े में ताल ठोक रहे हैं।

चार दिग्गज दल और उनके नए सिपहसालार

एग्मोर की जंग इस बार इसलिए खास है क्योंकि यहां चुनावी मुकाबला पेशों की विविधता और नए खून के बीच है।

उम्मीदवार पार्टी पेशा/पहचान मुख्य विशेषता
तमिलन प्रसन्ना DMK वकील और प्रवक्ता अपनी प्रखर वाकपटुता और पार्टी के मजबूत संगठनात्मक ढांचे के भरोसे मैदान में हैं।
अभिषेक रंगासामी AIADMK उद्यमी/IT प्रोफेशनल युवा और शिक्षित वर्ग को आकर्षित करने के लिए अन्नाद्रमुक का दांव।
राज मोहन TVK यूट्यूबर और अभिनेता अभिनेता विजय की नई पार्टी ‘तमिलगा वेट्री कड़गम’ से। सोशल मीडिया पर उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है।
सरन्या NTK सामाजिक कार्यकर्ता सीमान की पार्टी ‘नाम तमिलर काची’ से, जो तमिल राष्ट्रवाद और स्थानीय मुद्दों पर मुखर रहती हैं।

 

क्या DMK बचा पाएगी अपना किला?

एग्मोर सीट दशकों से DMK का सुरक्षित गढ़ रही है। 2021 के चुनाव में भी यहां से इ. परंथामन ने बड़ी जीत दर्ज की थी।

  • सत्ता विरोधी लहर का खतरा: क्या वर्तमान विधायक के खिलाफ कोई नाराजगी है? तमिलन प्रसन्ना के लिए सबसे बड़ी चुनौती सरकारी कामकाज के आधार पर वोट मांगना और पार्टी के बेस वोट को एकजुट रखना है।
  • AIADMK की वापसी की कोशिश: अभिषेक रंगासामी के जरिए अन्नाद्रमुक इस सीट पर मध्यम वर्ग और दलित मतदाताओं के बीच अपनी पैठ फिर से बनाने की कोशिश कर रही है।

विजय की पार्टी (TVK) का ‘X-फैक्टर’

सुपरस्टार विजय की पार्टी TVK के लिए यह पहला विधानसभा चुनाव है। यूट्यूबर राज मोहन (जिन्हें ‘पुट चटनी’ फेम से जाना जाता है) को उतारकर विजय ने संकेत दिया है कि वे युवाओं और डिजिटल रूप से सक्रिय मतदाताओं को अपना मुख्य हथियार बना रहे हैं। राज मोहन की वाकपटुता और युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता पारंपरिक दलों के लिए वोट कटवा साबित हो सकती है।

नाम तमिलर काची (NTK) की चुनौती

सीमान के नेतृत्व वाली NTK लगातार अपने वोट प्रतिशत में इजाफा कर रही है। सरन्या के जरिए पार्टी उन मतदाताओं को लक्षित कर रही है जो दोनों द्रविड़ दलों (DMK-AIADMK) से ऊब चुके हैं और एक ‘तीसरे विकल्प’ की तलाश में हैं।

“एग्मोर की जनता इस बार अनुभवी चेहरों के बजाय शिक्षित और पेशेवर उम्मीदवारों को देख रही है। वकील, यूट्यूबर और आईटी प्रोफेशनल के बीच यह मुकाबला तमिलनाडु की बदलती राजनीति का परिचायक है।”राजनीतिक विश्लेषक

23 अप्रैल को होने वाली वोटिंग यह तय करेगी कि एग्मोर का ‘किला’ DMK के पास सुरक्षित रहता है या कोई नया खिलाड़ी यहां इतिहास रचता है। मतगणना 4 मई 2026 को होगी।

Popular Articles