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भारतीय विमानन क्षेत्र में बड़ा नेतृत्व परिवर्तन: इंडिगो के बाद एअर इंडिया के CEO कैंपबेल विल्सन का भी इस्तीफा

नई दिल्ली। भारतीय विमानन (Aviation) उद्योग में इन दिनों बड़े बदलावों का दौर चल रहा है। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) के शीर्ष नेतृत्व में बदलाव के कुछ ही हफ्तों बाद, अब टाटा समूह के स्वामित्व वाली एअर इंडिया (Air India) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। मंगलवार, 7 अप्रैल 2026 को एयरलाइन ने आधिकारिक तौर पर उनके इस्तीफे की पुष्टि की।

2024 में ही दे दिए थे संकेत; उत्तराधिकारी की तलाश शुरू

विल्सन का कार्यकाल मूल रूप से जुलाई 2027 तक था, लेकिन उन्होंने समय से पहले पद छोड़ने का निर्णय लिया है। एयरलाइन द्वारा जारी बयान के अनुसार:

  • पूर्व सूचना: विल्सन ने पद छोड़ने की अपनी इच्छा के बारे में एअर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को 2024 में ही अवगत करा दिया था।
  • सुचारू हस्तांतरण (Smooth Transition): वे पिछले दो वर्षों से संगठन को इस बदलाव के लिए तैयार कर रहे थे ताकि नेतृत्व का हस्तांतरण बिना किसी बाधा के हो सके।
  • अगला कदम: विल्सन तब तक अपने पद पर बने रहेंगे जब तक कि उनके उत्तराधिकारी की नियुक्ति नहीं हो जाती। इसके लिए एक चयन समिति का गठन कर दिया गया है।

इंडिगो में भी हुआ बड़ा बदलाव

एअर इंडिया से पहले, देश की प्रमुख बजट एयरलाइन इंडिगो में भी नेतृत्व परिवर्तन देखा गया था।

  • पीटर एल्बर्स का इस्तीफा: इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने 10 मार्च 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उनका इस्तीफा दिसंबर 2025 में हुई उड़ानों की भारी अव्यवस्था और रद्दीकरण के बाद आया था।
  • विलियम वाल्श की नियुक्ति: इंडिगो बोर्ड ने 31 मार्च 2026 को आईएटीए (IATA) के प्रमुख विलियम वाल्श को नया सीईओ नियुक्त करने की घोषणा की। वाल्श 3 अगस्त 2026 से अपना कार्यभार संभालेंगे।

विल्सन का कार्यकाल: चुनौतियों और उपलब्धियों का सफर

जुलाई 2022 में पद संभालने वाले कैंपबेल विल्सन ने एअर इंडिया के निजीकरण के बाद के सबसे कठिन दौर का नेतृत्व किया।

  • मर्जर और आधुनिकीकरण: उनके नेतृत्व में चार एयरलाइनों (एअर इंडिया, विस्तारा, एअर इंडिया एक्सप्रेस और एआईएक्स कनेक्ट) के विलय की प्रक्रिया शुरू हुई।
  • विशाल विमान ऑर्डर: एयरलाइन ने लगभग 600 नए विमानों का ऐतिहासिक ऑर्डर दिया, जिनकी डिलीवरी 2027 से शुरू होनी है।
  • चुनौतियां: हालांकि, हाल के समय में घाटे, नियामक जांच और पिछले वर्ष हुए एक विमान हादसे (अहमदाबाद) के चलते उन पर दबाव बढ़ा था।

“एअर इंडिया के परिवर्तन का शुरुआती आधार तैयार हो चुका है। अब अगली पीढ़ी के नेतृत्व को कमान सौंपने का यह सही समय है।”कैंपबेल विल्सन, निवर्तमान सीईओ, एअर इंडिया

भारतीय विमानन क्षेत्र के दो सबसे बड़े खिलाड़ियों—इंडिगो और एअर इंडिया—में एक साथ हो रहे इस नेतृत्व परिवर्तन को उद्योग जगत बहुत करीब से देख रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि नए नेतृत्व के सामने बढ़ती लागत और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा जैसी बड़ी चुनौतियां होंगी।

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