लंदन/वाशिंगटन/दुबई। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव चरम पर पहुँचने के कारण रविवार को वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाला दर्ज किया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई सीधी और सख्त सैन्य चेतावनी के बाद तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता व्याप्त हो गई है, जिससे कीमतें कुलांचें भरने लगीं। अंतर्राष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.4 प्रतिशत की तेजी के साथ 110.60 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गई। वहीं, अमेरिकी क्रूड (WTI) में भी 1.8 प्रतिशत का उछाल देखा गया और यह 113.60 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ।
ट्रंप की आक्रामक चेतावनी: “ऊर्जा ठिकानों पर करेंगे हमला”
तेल की कीमतों में इस ताजा उबाल की मुख्य वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान है, जिसने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर जारी तनाव को और हवा दे दी है।
- सोशल मीडिया पर धमकी: रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ईरान को कड़े लहजे में चेतावनी दी। उन्होंने बेहद आक्रामक भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत नहीं खोला, तो अमेरिका उसके ऊर्जा ठिकानों को निशाना बना सकता है। उनके इस बयान को अमेरिका द्वारा कड़े सैन्य कदम उठाने के स्पष्ट संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
ईरान का पलटवार: “युद्ध के नुकसान की भरपाई तक मार्ग रहेगा बंद”
ट्रंप की इस खुली धमकी के जवाब में ईरान ने भी कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है, जिससे टकराव की आशंका बढ़ गई है।
एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है कि मौजूदा परिस्थितियों में होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोला जाएगा। अधिकारी का कहना था कि जब तक युद्ध से हुए नुकसान की पूरी तरह से भरपाई नहीं हो जाती, तब तक यह महत्वपूर्ण जलमार्ग व्यापारिक आवाजाही के लिए बंद ही रहेगा।
कूटनीतिक कोशिशें और ओपेक+ की पहल
बढ़ते तनाव के बीच शांति बहाली और व्यापारिक जहाजों की आवाजाही शुरू कराने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। इस दिशा में पड़ोसी देश ओमान ने मध्यस्थता की पहल की है। ओमान के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उसके प्रतिनिधियों ने रविवार को ईरानी अधिकारियों से मुलाकात की, जिसमें होर्मुज मार्ग बहाल करने के संभावित विकल्पों पर चर्चा की गई।
वहीं, वैश्विक तेल आपूर्ति को स्थिर रखने और कीमतों पर लगाम लगाने के लिए पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक+) और सहयोगी देशों ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सऊदी अरब, रूस, इराक, यूएई, कुवैत, कजाखस्तान, अल्जीरिया और ओमान सहित आठ प्रमुख तेल उत्पादक देश मई 2026 से कच्चे तेल के उत्पादन में वृद्धि करने पर सहमत हुए हैं।
- योजना के तहत उत्पादन वृद्धि: इन देशों ने कुल मिलाकर प्रतिदिन 2.06 लाख बैरल (kbd) उत्पादन बढ़ाने का निर्णय लिया है।
- प्रमुख देशों का हिस्सा: इस योजना के तहत सऊदी अरब और रूस प्रत्येक 62-62 kbd, इराक 26 kbd, यूएई 18 kbd, कुवैत 16 kbd, कजाखस्तान 10 kbd, अल्जीरिया 6 kbd और ओमान 5 kbd अतिरिक्त तेल का उत्पादन करेंगे।
- बाजार में स्थिरता का लक्ष्य: ओपेक+ ने कहा कि यह कदम तेल बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए उठाया गया है और उत्पादन में यह बदलाव परिस्थितियों के अनुसार धीरे-धीरे लागू किया जाएगा।





