रानीखेत (अल्मोड़ा)। गर्मी बढ़ने के साथ क्षेत्र के प्रमुख नदी एवं प्राकृतिक जलस्रोतों—भुजान, ऊणी, तिपोला और गगास—में पर्यटकों की आवाजाही तेज हो गई है। छुट्टियों और मौसम के अनुकूल हालात के चलते इन स्थानों पर लगातार सैलानियों की भीड़ उमड़ रही है, जिससे स्थानीय लोगों और प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पर्यटक बड़ी संख्या में इन नदी क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं, लेकिन कई लोग बिना सुरक्षा इंतजामों के पानी के तेज बहाव और गहरे हिस्सों में उतर जाते हैं। इससे फिसलने, बहाव में बह जाने और डूबने जैसी घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।
ग्रामीणों ने बताया कि भुजान, ऊणी, तिपोला और गगास जैसे संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। कई जगह निगरानी की कमी के कारण लोग जोखिम उठाकर नदी किनारों पर पिकनिक मनाते देखे जा रहे हैं। इससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका जताई जा रही है।
पर्यटन बढ़ने से स्थानीय व्यापार को लाभ मिल रहा है, लेकिन अव्यवस्थित भीड़ और लापरवाही के कारण पर्यावरणीय दबाव भी बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
स्थानीय प्रशासन से मांग की जा रही है कि इन सभी नदी क्षेत्रों में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाए, चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और पर्यटकों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाए। साथ ही, संवेदनशील स्थानों पर प्रवेश को नियंत्रित करने की भी आवश्यकता बताई गई है।





