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युद्ध के बीच होर्मुज से भारत पहुंचा LPG शिप ‘नंदा देवी’, 46,500 MT गैस लाया

गुजरात के वाडिनार पोर्ट पर मंगलवार सुबह नंदा देवी नामक एलपीजी शिप पहुंची, जिसमें 46,500 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) है। यह शिप-टू-शिप (STS) ट्रांसफर के लिए गहरे समुद्र में एंकरेज एरिया में सुरक्षित रखी जाएगी। दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी (DPA) के चेयरमैन सुशील कुमार सिंह ने शिप का दौरा कर कैप्टन और क्रू से मुलाकात की और उन्हें हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।

नंदा देवी होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते हुए भारत पहुंचा, जो युद्ध और तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण आपूर्ति शिप है। इस शिप के आगमन से घरेलू और वाणिज्यिक LPG संकट को कुछ हद तक कम करने में मदद मिलेगी।

इससे पहले, एक दिन पहले ही एलपीजी टैंकर शिवालिक गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर 46,000 मीट्रिक टन गैस लेकर पहुंचा था। विशेषज्ञों के अनुसार, यह मात्रा लगभग 32.4 लाख घरेलू 14.2 किलोग्राम सिलेंडरों के बराबर है। दोनों जहाजों के आगमन से घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति में राहत मिलने की उम्मीद है।

सरकारी सूत्रों ने बताया कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच पश्चिम एशिया से LPG की सप्लाई प्रभावित हुई थी। एलपीजी की कमी और हो रही पैनिक बाइंग के चलते घरेलू गैस सिलेंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई थी। दिल्ली में 14.2 किलो के घरेलू सिलेंडर की कीमत अब ₹913 हो गई है। वाणिज्यिक सिलेंडरों की कीमत भी बढ़कर ₹1,884.50 हो गई है, जिससे होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर पर असर पड़ा।

सरकार ने आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नए नियम लागू किए हैं। सभी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही सिलेंडर की इंटर-बुकिंग अवधि को 25 दिन तक बढ़ाया गया है, ताकि होल्डिंग और जमाखोरी को रोका जा सके। महाराष्ट्र सरकार ने एलपीजी सिलेंडरों के परिवहन और डिलीवरी के दौरान पुलिस सुरक्षा भी प्रदान करने का आदेश दिया है।

आईटी कंपनियों में भी संकट की झलक देखने को मिली। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के कुछ कैंपस में कर्मचारियों को घर से लाने की सलाह दी गई, जबकि कॉग्निजेंट और विप्रो ने पुणे और बेंगलुरु में कैंटीन के मेनू को सीमित कर दिया।

नंदा देवी और शिवालिक के आगमन के बाद उम्मीद है कि घरेलू और वाणिज्यिक क्षेत्र में LPG की आपूर्ति सामान्य होने लगेगी। सरकार लगातार आपूर्ति पर नजर रखे हुए है और स्थिति को संभालने के लिए हर संभव कदम उठा रही है।

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