इस्लामाबाद: पाकिस्तान में प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक और शीर्ष कमांडर की मौत की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि मारा गया आतंकी भारत में हुए संसद हमले और पुलवामा आतंकी हमले की साजिश से जुड़ा रहा था। उसकी मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है, जिसे लेकर सुरक्षा एजेंसियों और विश्लेषकों के बीच कई तरह की चर्चाएँ शुरू हो गई हैं।
रिपोर्टों के अनुसार मृत आतंकी लंबे समय से जैश-ए-मोहम्मद की गतिविधियों में सक्रिय था और संगठन के रणनीतिक नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता था। वह भारत विरोधी आतंकी अभियानों की योजना बनाने और आतंकियों की भर्ती व प्रशिक्षण से भी जुड़ा बताया जाता है। सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि वह सीमा पार आतंकी ढांचे का अहम ऑपरेशनल लिंक था।
हाल के वर्षों में पाकिस्तान के भीतर सक्रिय कई वांछित आतंकियों की रहस्यमयी मौतें सामने आई हैं। इनमें कई ऐसे नाम शामिल हैं जिन पर भारत में बड़े आतंकी हमलों की साजिश रचने या उन्हें अंजाम देने का आरोप रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाएँ आतंकी संगठनों के भीतर आपसी संघर्ष, गुटबाजी या गुप्त कार्रवाई का परिणाम भी हो सकती हैं।
भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर आरोप लगाता रहा है कि वह अपनी जमीन पर सक्रिय आतंकी ढांचे के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने में विफल रहा है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित संगठनों के सदस्य खुले तौर पर गतिविधियाँ चलाते रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा को गंभीर चुनौती मिलती रही है।
सुरक्षा विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह के प्रमुख आतंकियों के खत्म होने से संगठनों की ऑपरेशनल क्षमता को झटका जरूर लगता है, लेकिन आतंकी नेटवर्क पूरी तरह समाप्त नहीं होते। ऐसे में दक्षिण एशिया में आतंकवाद और सुरक्षा संतुलन का मुद्दा आगे भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना रहेगा।
पाकिस्तान में जैश का एक और शीर्ष आतंकी ढेर, संसद और पुलवामा हमलों से जुड़ा था





