देहरादून/ऊधमसिंह नगर:
उत्तराखंड में इस वर्ष अप्रैल का महीना मौसम के लिहाज से असामान्य रहा। जहां एक ओर प्रदेश ने रिकॉर्ड स्तर की गर्मी का अनुभव किया, वहीं दूसरी ओर औसत से अधिक बारिश ने मौसम के पैटर्न में बड़े बदलाव का संकेत दिया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया।
मैदानी जिलों विशेषकर ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार और देहरादून में दिन का तापमान तेजी से बढ़ा और कई स्थानों पर पारा पिछले वर्षों के औसत से ऊपर पहुंच गया। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में गर्म हवाओं का असर स्पष्ट रूप से महसूस किया गया, जिससे लोगों को समय से पहले गर्मी जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।
हालांकि तेज गर्मी के बीच कई दौर की बारिश ने मौसम को अचानक बदल दिया। पर्वतीय जिलों के साथ-साथ मैदानी क्षेत्रों में भी सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और बदलते जलवायु पैटर्न इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों से उत्तराखंड में मौसम की चरम स्थितियां—कभी अत्यधिक गर्मी तो कभी अचानक बारिश—लगातार बढ़ रही हैं। इससे कृषि, जल स्रोतों और पर्यटन गतिविधियों पर भी प्रभाव पड़ रहा है।
किसानों के लिए यह मौसम मिश्रित संकेत लेकर आया है। जहां बारिश से कुछ फसलों को लाभ मिला, वहीं तापमान में तेजी से उतार-चढ़ाव ने फसल प्रबंधन को चुनौतीपूर्ण बना दिया।
मौसम वैज्ञानिकों ने आने वाले महीनों में भी अस्थिर मौसम की संभावना जताते हुए लोगों को गर्मी और अचानक बदलते मौसम के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव जलवायु परिवर्तन के व्यापक प्रभावों का हिस्सा हो सकता है, जिसके चलते भविष्य में मौसम की अनिश्चितता और बढ़ सकती है।
अप्रैल में बदला उत्तराखंड का मौसम मिजाज, रिकॉर्ड गर्मी के साथ औसत से ज्यादा बारिश





