नई दिल्ली/सेशेल्स: भारत और हिंद महासागर के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण द्वीपीय देश सेशेल्स के बीच द्विपक्षीय सैन्य सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हुए सोमवार को संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘लामितिये-2026’ (Lamitiye-2026) का औपचारिक शुभारंभ हो गया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस साल का अभ्यास कई मायनों में ऐतिहासिक है क्योंकि यह पहली बार है जब भारत की तीनों सेनाएं— थल सेना, नौसेना और वायु सेना— एक साथ इस अंतरराष्ट्रीय युद्धाभ्यास में हिस्सा ले रही हैं।
सेशेल्स डिफेंस एकेडमी में 11 दिनों का महामंथन
भारतीय सशस्त्र सेनाओं का एक विशेष संयुक्त दल इस अभ्यास के लिए सेशेल्स पहुँच चुका है। युद्धाभ्यास की प्रमुख रूपरेखा इस प्रकार है:
- आयोजन स्थल व अवधि: यह अभ्यास 9 मार्च से 20 मार्च 2026 तक सेशेल्स की प्रतिष्ठित रक्षा अकादमी में आयोजित किया जा रहा है।
- संयुक्त प्रशिक्षण: 11 दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में भारत और सेशेल्स के सैनिक एक साथ कठिन प्रशिक्षण लेंगे और एक-दूसरे की बेहतरीन सैन्य कार्यप्रणालियों (Best Practices) को साझा करेंगे।
- सामरिक मिशन: दोनों देशों के सैन्य अधिकारी संयुक्त रूप से जटिल मिलिटरी मिशनों की योजना बनाएंगे और अलग-अलग सामरिक गतिविधियों का अभ्यास करेंगे।
अर्ध-शहरी खतरों से निपटने पर मुख्य फोकस
वर्तमान वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए, ‘लामितिये-2026’ का मुख्य उद्देश्य आतंकवाद और आधुनिक युद्ध की चुनौतियों का सामना करना है:
- आतंकवाद विरोधी अभियान: अभ्यास के दौरान विशेष रूप से अर्ध-शहरी (Semi-Urban) वातावरण में छिपे संभावित खतरों और संदिग्ध गतिविधियों को निष्क्रिय करने का कड़ा अभ्यास किया जाएगा।
- विशेष युद्धक कार्रवाई: इसमें काउंटर-इंसर्जेंसी, स्नाइपर ऑपरेशंस और ड्रोन-रोधी प्रणालियों के प्रभावी इस्तेमाल जैसे आधुनिक युद्ध कौशल को परखने के लिए कई प्रकार की युद्धक ड्रिल आयोजित की जाएंगी।
- पारस्परिक समन्वय: अभ्यास का लक्ष्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच ‘इंटरोपरेबिलिटी’ (पारस्परिक परिचालन क्षमता) को बढ़ाना है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में वे मिलकर काम कर सकें।
द्विपक्षीय संबंधों में ‘लामितिये’ का महत्व
‘लामितिये’ का शाब्दिक अर्थ क्रियोल भाषा में ‘मित्रता’ होता है।
- रणनीतिक साझेदारी: हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में भारत के ‘सागर’ (SAGAR – Security and Growth for All in the Region) विजन के तहत सेशेल्स एक महत्वपूर्ण भागीदार है।
बढ़ता रक्षा सहयोग: इस अभ्यास में भारत की तीनों सेनाओं की भागीदारी यह दर्शाती है कि भारत रक्षा क्षेत्र में सेशेल्स को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।





