काठमांडू। नेपाल की पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की आज औपचारिक रूप से अंतरिम सरकार का कार्यभार संभालेंगी। कार्की देश की पहली महिला अंतरिम प्रधानमंत्री बनने जा रही हैं। उनके शपथ ग्रहण के साथ ही नेपाल की मौजूदा राजनीतिक अनिश्चितता को नया मोड़ मिलने की संभावना है।
सूत्रों के मुताबिक, कार्यभार संभालने के तुरंत बाद कार्की राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से संवाद शुरू करेंगी। उनका प्राथमिक लक्ष्य कानून-व्यवस्था बहाल करना, हालिया अशांति से निपटना और आम नागरिकों में भरोसा कायम करना होगा।
सरकारी हलकों में फिलहाल सबसे बड़ी चर्चा उनके मंत्रिमंडल के गठन को लेकर है। अंतरिम सरकार में किन नेताओं और विशेषज्ञों को शामिल किया जाए, इस पर गहन विचार-विमर्श चल रहा है। सूत्र बताते हैं कि विभिन्न दलों से नामों का सुझाव मिल रहा है, लेकिन कार्की टीम का स्वरूप संतुलित और गैर-पक्षपातपूर्ण रखने के पक्ष में हैं।
कार्की ने संकेत दिया है कि उनकी सरकार का ध्यान मुख्य रूप से संवैधानिक प्रक्रिया को गति देने, चुनाव की तैयारियों को आगे बढ़ाने और बुनियादी प्रशासनिक सुधारों पर रहेगा। इसके साथ ही हाल के दिनों में भड़की हिंसा और प्रदर्शनों पर भी ठोस कदम उठाने की तैयारी है।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि सुशीला कार्की के सामने सबसे बड़ी चुनौती अलग-अलग विचारधाराओं वाले दलों को साथ लेकर चलने की होगी। हालांकि, उनकी न्यायिक पृष्ठभूमि और निष्पक्ष छवि से जनता और राजनीतिक वर्ग में सकारात्मक उम्मीदें बंधी हुई हैं।





