नई दिल्ली। अमेरिकी दूतावास ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय विकास के लिए संयुक्त राज्य अमेरिकी एजेंसी (यूएसएआईडी) ने वर्ष 2014 से 2024 के बीच भारत में मतदाता संख्या बढ़ाने के लिए न तो कोई फंड प्राप्त किया और न ही खर्च किया। भारत में इस उद्देश्य से कोई प्रोजेक्ट भी नहीं चलाया गया।
केंद्र सरकार ने यह जानकारी बृहस्पतिवार को राज्यसभा में दी। सीपीआई(एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने सवाल उठाया था कि क्या सरकार ने उन रिपोर्टों पर कोई कार्रवाई की है जिनमें दावा किया गया था कि यूएसएआईडी का पैसा भारतीय चुनावों में मतदान बढ़ाने के लिए इस्तेमाल हो रहा है।
इस पर विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि विदेश मंत्रालय ने 28 फरवरी को अमेरिकी दूतावास से 2014 से 2024 के बीच यूएसएआईडी से जुड़े सभी प्रोजेक्ट्स का खर्च और उनके कार्यान्वयन भागीदारों की सूची मांगी थी।
अमेरिकी दूतावास ने 2 जुलाई को विस्तृत जानकारी सौंपी और 29 जुलाई को सूचित किया कि भारत में यूएसएआईडी से जुड़ी सभी गतिविधियां 15 अगस्त 2025 तक पूरी तरह बंद कर दी जाएंगी।





