हल्द्वानी/देहरादून: उत्तराखंड में 38वें राष्ट्रीय खेलों में शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले पदक विजेता खिलाड़ी अब भी सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे हैं। करीब डेढ़ साल बीतने के बावजूद खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नियुक्ति नहीं मिल पाई है। इस मामले में सरकार की ओर से कई बार प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 24 स्वर्ण, 35 रजत और 44 कांस्य समेत कुल 103 पदक हासिल कर राज्य को पदक तालिका में सातवें स्थान तक पहुंचाया था। हालांकि, पदक जीतने के बाद खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने की घोषणा के बावजूद नियुक्ति प्रक्रिया लंबी खिंचती जा रही है।
243 खिलाड़ियों को मिलनी है नौकरी
सरकार ने कुल 243 पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी देने की योजना बनाई है। खेल विभाग की ओर से विभिन्न विभागों में पद चिन्हित किए गए हैं। रजत और कांस्य पदक विजेताओं के लिए कई पद उपलब्ध हैं, लेकिन स्वर्ण पदक विजेताओं को उच्च ग्रेड वेतन के पदों पर नियुक्ति देने को लेकर अड़चन सामने आई थी।
इस समस्या को दूर करने के लिए शिक्षा विभाग ने सहायक अध्यापक व्यायाम के पद को डाउनग्रेड करने पर सहमति जताई है। खिलाड़ियों को निर्धारित शैक्षिक योग्यता पूरी करने के लिए चार साल तक का समय दिए जाने का प्रस्ताव है। हालांकि, शैक्षिक योग्यता में छूट नहीं दी जाएगी।
अगस्त तक विज्ञप्ति जारी करने के निर्देश
खेल मंत्री रेखा आर्य ने जून में विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को अगस्त तक नौकरी की विज्ञप्ति जारी करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने स्पष्ट किया था कि आउट ऑफ टर्न नियुक्ति में अब और देरी नहीं होनी चाहिए। इसके बावजूद खिलाड़ियों का इंतजार जारी है।
खेल विभाग अब नियुक्ति प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रहा है। प्रस्ताव के तहत खिलाड़ियों को नियुक्ति के बाद भी खेल गतिविधियों से जोड़े रखने पर जोर है, ताकि वे आगे भी राज्य और देश के लिए पदक जीत सकें।
खिलाड़ियों को उम्मीद है कि सरकार जल्द प्रक्रिया पूरी कर उन्हें नियुक्ति पत्र सौंपेगी, जिससे वर्षों की मेहनत के बाद उनके भविष्य को नई दिशा मिल सकेगी।





