नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ‘प्रगति’ की 53वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में रेलवे, सड़क और बिजली क्षेत्र से जुड़ी छह प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की गई। नौ राज्यों में फैली इन परियोजनाओं की कुल लागत 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक है। प्रधानमंत्री ने परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करने, विभागों के बीच बेहतर तालमेल और लंबित समस्याओं के तेजी से समाधान पर जोर दिया।
पीएम मोदी ने कहा कि किसी बड़ी परियोजना को अलग-अलग पैकेज या हिस्सों के रूप में देखने के बजाय एक एकीकृत योजना के तौर पर आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि काम में तेजी के साथ गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। बड़ी परिवहन परियोजनाओं की योजना बनाते समय साझा उपयोगिता गलियारों की संभावनाएं तलाशने के निर्देश भी दिए गए।
कृषि में एआई और डेटा के इस्तेमाल पर जोर
बैठक में डिजिटल कृषि मिशन के तहत ‘एग्रीस्टैक’ की प्रगति की भी समीक्षा हुई। प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खेती के लिए जरूरी इनपुट की योजना बनाने से लेकर प्रसंस्करण तक पूरी कृषि मूल्य श्रृंखला में डेटा का प्रभावी इस्तेमाल होना चाहिए, ताकि बेहतर और डेटा आधारित निर्णय लिए जा सकें।
डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी पर जागरूकता जरूरी
साइबर धोखाधड़ी और ‘डिजिटल अरेस्ट’ के मामलों की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री ने प्रशिक्षण, शिक्षा और जनजागरूकता को मजबूत करने की जरूरत बताई। उन्होंने विशेष रूप से बुजुर्गों, युवाओं और अन्य संवेदनशील वर्गों के लिए लगातार लक्षित जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों को साइबर ठगी के सामान्य तरीकों, खतरे के संकेतों और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार की जानकारी दी जानी चाहिए। साथ ही साइबर अपराध के बदलते तरीकों की पहचान और उन पर तेजी से कार्रवाई के लिए संबंधित कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।





