Top 5 This Week

Related Posts

सोडा और चिप्स पर चेतावनी लेबल लगाने की तैयारी, कंपनियों ने जताया विरोध

नई दिल्ली। सरकार पैकेज्ड खाद्य और पेय पदार्थों में अधिक मात्रा में नमक, चीनी और वसा की मौजूदगी को लेकर उपभोक्ताओं को सतर्क करने के लिए पैकेजिंग पर चेतावनी लेबल लगाने की तैयारी में थी। प्रस्ताव के तहत सोडा, चिप्स और इसी तरह के अन्य उत्पादों पर सामने की ओर स्पष्ट चेतावनी देने की योजना पर विचार किया गया था। हालांकि, बड़ी खाद्य एवं पेय कंपनियों ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति जताई।

मामले से जुड़े प्रस्ताव में ऐसे खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग पर प्रमुख रूप से जानकारी देने की बात थी, जिससे ग्राहक खरीदारी के समय उत्पाद में मौजूद पोषक तत्वों की मात्रा को आसानी से समझ सकें। इसका उद्देश्य विशेष रूप से अधिक नमक, चीनी और अस्वास्थ्यकर वसा वाले उत्पादों के अत्यधिक सेवन के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना था।

रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने इस दिशा में कदम उठाए थे। हालांकि, कोका-कोला, नेस्ले जैसी कंपनियों सहित खाद्य उद्योग से जुड़े कुछ पक्षों ने चेतावनी लेबल को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखीं। कंपनियों की ओर से प्रस्तावित व्यवस्था के स्वरूप और उसके संभावित प्रभावों पर सवाल उठाए गए।

सरकार की ओर से ऐसे लेबल का उद्देश्य उपभोक्ताओं को उत्पाद के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराना है। इससे लोगों को खरीदारी के समय यह तय करने में मदद मिल सकती है कि किसी खाद्य या पेय पदार्थ का सेवन उनकी जरूरत और स्वास्थ्य संबंधी प्राथमिकताओं के अनुरूप है या नहीं।

खाद्य पदार्थों में नमक, चीनी और वसा की अधिक मात्रा को लेकर दुनिया भर में चिंता बढ़ रही है। ऐसे में पैकेजिंग पर सामने से स्पष्ट जानकारी देने की व्यवस्था को उपभोक्ता जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

हालांकि, प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय और चेतावनी लेबल की अंतिम रूपरेखा को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ना अभी महत्वपूर्ण है। सरकार और खाद्य उद्योग के बीच इस मुद्दे पर सहमति बनाने की कोशिश जारी रहने की संभावना है।

Popular Articles